गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बुधवार को कहा कि बाढ़ राहत और पुनर्वास कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन का लगभग पूरा वित्तीय बोझ केंद्र सरकार उठाती है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सहायता भी मांगी जाएगी।चराइदेव जिले के सोनारी में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि राज्य सरकार बाढ़ से प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता देगी। उन्होंने कहा कि कई परिवारों ने अपने घर, मवेशी, जरूरी दस्तावेज और अन्य कीमती सामान खो दिए हैं।

उन्होंने कहा, "मुद्दा धन का नहीं है। बाढ़ राहत और कटाव रोकने पर होने वाला लगभग पूरा खर्च केंद्र सरकार वापस देती है। राज्य सरकार को केवल खर्च करना होता है और उसका पूरा विवरण केंद्र को देना होता है।"

उन्होंने बताया कि आपदा प्रबंधन की तय व्यवस्था के तहत केंद्र सरकार पहले से ही राहत कार्यों के लिए धन उपलब्ध कराती है। यदि मौजूदा राशि पर्याप्त नहीं होती है तो राज्य सरकार अतिरिक्त धन की मांग कर सकती है।

उन्होंने कहा, "अगर कोई असाधारण स्थिति पैदा होती है, जो मौजूदा नियमों से बाहर हो तो हम केंद्र सरकार से अतिरिक्त सहायता मांग सकते हैं। जरूरत पड़ने पर सीधे प्रधानमंत्री से भी मदद का अनुरोध करेंगे। प्रभावित लोगों की सहायता के लिए धन की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।"

मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई यथासंभव करेगी। इसमें घरों, शैक्षणिक प्रमाणपत्रों, मवेशियों और बाढ़ में नष्ट हुई अन्य जरूरी संपत्तियों का नुकसान भी शामिल है।

उन्होंने कहा कि फिलहाल राज्य सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता बचाव और राहत कार्य है। सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जिला प्रशासन बाढ़ प्रभावित इलाकों में दिन-रात राहत और बचाव अभियान चला रहे हैं।

हालांकि, उन्होंने माना कि कई गांव अब भी पानी में डूबे हुए हैं और वहां पहुंचना मुश्किल है, जिससे बचाव कार्यों में दिक्कतें आ रही हैं।

मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि जैसे-जैसे बाढ़ का पानी कम होगा, राज्य सरकार नुकसान का आकलन करती रहेगी और राहत उपायों को उसी अनुसार आगे बढ़ाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि तबाही का पूरा असर अभी सामने आना बाकी है और वास्तविक नुकसान शुरुआती सरकारी आकलन से कहीं अधिक हो सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पुनर्वास का काम पूरा होने और प्रभावित जिलों में सामान्य स्थिति बहाल होने तक बाढ़ प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी रहेगी।