डबल मर्डर… जहां चेहरा काटा, वहां खून का कतरा भी नहीं: भाई को ले गई पुलिस

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भोपाल। रायसेन जिले के सुदूर आदिवासी बहुल चौकी कमरोरा गांव में 3 फरवरी की दोपहर एक दिल दहला देने वाला डबल मर्डर हुआ। पहले 25 वर्षीय प्रकाश सिंह (पुत्र बल्लू भिलाड़ा) ने 20 वर्षीय युवती शिवानी उर्फ बिट्टू का चेहरा और गर्दन पर हंसिया से वार कर नृशंस हत्या की। उसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रकाश को लाठियों-डंडों से पीट-पीटकर अधमरा कर दिया, जिससे अस्पताल में उसकी मौत हो गई। पुलिस ने प्रकाश की हत्या के आरोप में गांव के 6 लोगों को गिरफ्तार किया है।
लेकिन घटनास्थल पर खून के निशान न मिलने और कुछ अन्य संदेहास्पद बातों से मामला वैसा नहीं लग रहा जैसा बताया जा रहा है। पुलिस ने भी इन एंगल से जांच शुरू करने की बात कही है।
खौफ और सन्नाटे में डूबा चौकी कमरोरा
रायसेन जिला मुख्यालय से 55 किमी दूर यह गांव इतना अलग-थलग है कि निकटतम सुल्तानगंज थाना भी 33 किमी दूर है। गोंड आदिवासियों की बहुलता वाले इस इलाके में पिछले 30-35 सालों में कुछ भील परिवार बस गए हैं। दशकों से शांत रहा यह गांव पिछले दो दिनों से पुलिस सायरन और मीडिया की गाड़ियों से गूंज रहा है। शाम ढलते ही खेतों की मेड़ों और आंगनों में आग तापते लोग बाहरी चेहरों को संदेह से देखते हैं।
शिवानी के घर पहुंचने पर मातम का माहौल था। परिवार के बड़े भाई भगवानदास और उनकी पत्नी गीता देवी (शिवानी की ताई) ने रुंधे गले से बताया, "हम पांच भाई हैं। शिवानी मेरे दूसरे भाई कुबेर की बेटी थी। तीन बहनों में सबसे छोटी, बहुत सीधी-सादी बच्ची। बड़ी बहन की शादी हो चुकी है, मंझली की इस साल और इसकी अगले साल तय थी। लेकिन भगवान को कुछ और मंजूर था।"
एक ग्रामीण ने कहा, "इस कांड से एक नहीं, सात परिवार उजड़ गए। हमारे गांव के छह परिवारों के लोग जेल चले गए और प्रकाश के परिवार से भी अब कोई नहीं बचा।"
बेटी गई, बेटा जेल में, मैं कहां जाऊं?
शिवानी के पिता कुबेर का दर्द असहनीय था। वे बिलखते हुए बोले, "मैं रोज खेत पर सोता हूं, आज समझ नहीं आ रहा कहां जाऊं। सिर घूम रहा है। कल मेरी बेटी चली गई, शाम को पुलिस मेरे बेटे ब्रजेश को भी ले गई। एक ही दिन में दुनिया उजड़ गई।"
उन्होंने बताया, "ब्रजेश की पत्नी प्रीति अस्पताल में है। जिस दिन उसे गिरफ्तार किया, उसी दिन घर में बेटी पैदा हुई। हमने बहू को अभी तक कुछ नहीं बताया। गांव के दो और लोग हमारे चक्कर में जेल गए, उनके परिवार का क्या होगा?"
नशे और सनक का परिणाम, या कुछ और?
ग्रामीण प्रकाश के बारे में बात करने से कतराते हैं। काफी पूछताछ पर मुन्नालाल नामक ग्रामीण ने कहा, "प्रकाश सनकी था। महीनों बाहर ट्रक चलाता रहता, 8-10 दिन पहले लौटा था। तब से रोज शराब पीकर झगड़ा करता। मां-बाप को भी पीटा तो वे भाग गए। गांव की महिलाओं पर फब्तियां कसता था, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि ऐसा कर देगा।"
बाड़ी एसडीओपी नीलम चौधरी ने बताया, "युवती पर धारदार हथियार से हमला हुआ है। प्रकाश के शरीर पर अंदरूनी घाव हैं, जो लाठियों से पीटने से बने।"
गीता देवी ने घटना सुनाई, "वह हमारी बिट्टू को खींचकर खेत में ले गया। चिल्लाने पर हंसिए से चेहरे पर वार किया। भाई पहुंचता तब तक प्रकाश जंगल की तरफ भाग गया। चार गांव के लोग इकट्ठा हुए, तलाश की, लेकिन किसने मारा, हमें नहीं पता। पुलिस ने बिना जांचे हमारे घर के 6 लोगों को उठा लिया।"
पुलिस जांच में नए सवाल
टीम ने गांव में कई संदेहास्पद बातें नोटिस कीं, जैसे घटनास्थल पर खून न मिलना। इन्हें पुलिस के साथ साझा करने पर अधिकारी ने कहा, "इस एंगल से जांच की जाएगी।"
