बिजली सुधारते वक्त मौत, ट्रांसफार्मर में लटका मिला हेल्पर

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छिंदवाड़ा,जीशान अंसारी। मध्यप्रदेश विद्युत मंडल (एमपीईबी) में कथित अनियमितताओं और सुरक्षा व्यवस्था की अनदेखी का मामला एक बार फिर सामने आया है। देहात थाना क्षेत्र के सिरेगांव में बिजली सुधार कार्य के दौरान लाइनमैन के निजी हेल्पर की करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे ने विभाग की कार्यप्रणाली और सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार मोठार निवासी 40 वर्षीय अनिल पिता दुलीचंद धुर्वे सिरेगांव में एक लाइनमैन के निजी कर्मचारी (प्राइवेट हेल्पर) के रूप में काम करता था। बुधवार को वह रोजाना की तरह काम पर गया था। बताया जा रहा है कि सिरेगांव निवासी गगन सूर्यवंशी के खेत से गुजर रही बिजली लाइन में सुधार कार्य के दौरान अचानक बिजली प्रवाहित हो गई और अनिल करंट की चपेट में आ गया। करंट इतना तेज था कि वह बिजली के खंभे से चिपक गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना का मंजर देख मौके पर मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। मृतक के भतीजे उकेश कुमार धुर्वे (32) निवासी मारई ने बताया कि अनिल लंबे समय से लाइनमैन के साथ निजी हेल्पर के रूप में कार्य कर रहा था। परिवार का आरोप है कि बिना पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और विभागीय अनुमति के निजी कर्मचारियों से जोखिम भरा कार्य कराया जाता है, जिससे इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। घटना की सूचना मिलने पर देहात थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। देहात थाना टीआई गोविंद राजपूत ने बताया कि मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है और घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।गौरतलब है कि बिजली विभाग में नियमित कर्मचारियों की जगह निजी व्यक्तियों से काम कराने की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं। आरोप है कि मामूली पारिश्रमिक पर निजी कर्मचारियों से जोखिम भरे कार्य कराए जाते हैं, जबकि उन्हें न तो पर्याप्त प्रशिक्षण मिलता है और न ही सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं। इसके बावजूद विभागीय स्तर पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से हादसों का सिलसिला थम नहीं रहा है। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और मृतक के परिजनों में आक्रोश है। लोगों ने मामले में जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और मृतक परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है। वहीं लगातार हो रहे ऐसे हादसों को लेकर विभाग की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर भी सवाल उठने लगे हैं।
