भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी में अनुशासनहीनता और आंतरिक कलह को लेकर नेतृत्व ने कड़ा रुख अपनाना शुरू कर दिया है। भोपाल से मिल रही जानकारी के अनुसार, पार्टी विरोधी गतिविधियों और सार्वजनिक रूप से की गई बयानबाजी को लेकर कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व ने दो वरिष्ठ महिला पदाधिकारियों को 'कारण बताओ नोटिस' (Show Cause Notice) जारी किया है। संगठन द्वारा उठाए गए इस कदम से राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
प्रियंका किरार और निधि चतुर्वेदी से मांगा जवाब
कांग्रेस संगठन की ओर से जिन दो महिला नेताओं पर यह कार्रवाई की गई है, उनमें प्रदेश अध्यक्ष महिला उत्पीड़न प्रकोष्ठ की अध्यक्ष प्रियंका किरार और छतरपुर की जिला महासचिव निधि सत्यव्रत चतुर्वेदी शामिल हैं। पार्टी ने इन दोनों ही पदाधिकारियों को संगठन की मर्यादा के खिलाफ जाकर सार्वजनिक मंचों पर बयानबाजी करने के आरोप में नोटिस थमाया है और तय समय-सीमा के भीतर इस पर जवाब मांगा है।
दिग्विजय सिंह और विदिशा जिला अध्यक्ष के खिलाफ की थी टिप्पणी
मिली जानकारी के मुताबिक, दोनों महिला नेताओं पर यह अनुशासनात्मक कार्रवाई उनके द्वारा सोशल मीडिया पर किए गए विवादित पोस्ट और टिप्पणियों के कारण की गई है। छतरपुर की जिला महासचिव निधि सत्यव्रत चतुर्वेदी ने कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के खिलाफ सोशल मीडिया पर मोर्चा खोला था। वहीं दूसरी तरफ, महिला उत्पीड़न प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष प्रियंका किरार ने विदिशा के जिला अध्यक्ष के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। पार्टी के शीर्ष नेताओं और पदाधिकारियों के खिलाफ इस तरह सार्वजनिक रूप से गुस्सा जाहिर करने को संगठन ने अनुशासनहीनता माना है, जिसके बाद यह नोटिस जारी किए गए हैं।

