बीजिंग। संयुक्त राष्ट्र के "कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) शासन पर पहले वैश्विक संवाद" का उद्घाटन सोमवार को स्विट्जरलैंड के जिनेवा में हुआ। इसकी पहली बैठक में जिनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र कार्यालय और स्विट्जरलैंड में अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों में चीन के स्थायी प्रतिनिधि च्या क्वेईते ने "कृत्रिम बुद्धिमत्ता की खाई को पाटना" विषय पर भाषण दिया।

च्या ने कहा कि एआई देशों के विकास परिदृश्य और वैश्विक शासन संरचना को गहराई से बदल रही है। सभी पक्षों को समावेशिता और लाभ को अपना प्रारंभिक बिंदु, संयुक्त राष्ट्र को मुख्य माध्यम और क्षमता निर्माण को अपना केंद्र बिंदु बनाकर एक समावेशी, खुला, टिकाऊ, निष्पक्ष, सुरक्षित और विश्वसनीय डिजिटल भविष्य का निर्माण करना चाहिए। डिजिटल संप्रभुता का अर्थ है कि देशों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उत्पादों को स्वतंत्र रूप से चुनने का अधिकार है और उन्हें किसी एक पक्ष का समर्थन करने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए।

च्या क्वेईते ने इस बात पर जोर दिया कि चीन एआई क्षमताओं के निर्माण में एक समर्थक, प्रमोटर और अग्रणी देश है, और उसने सभी देशों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लाभ साझा करने में मदद करने के लिए "वैश्विक एआई शासन पहल" का प्रस्ताव रखा है। चीन 2026 विश्व कृत्रिम बुद्धिमत्ता सम्मेलन (डब्ल्यूएआईसी) और एआई के वैश्विक शासन पर उच्च स्तरीय बैठक की मेजबानी करेगा, और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के अंतर को पाटने के लिए सभी पक्षों की सक्रिय भागीदारी की उम्मीद करता है।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)