बीजिंग। चीन और इंडोनेशिया के विदेश मंत्रियों और रक्षा मंत्रियों की 2 प्लस 2 वार्ता तंत्र की दूसरी मंत्री स्तरीय बैठक 21 अगस्त को जकार्ता में आयोजित हुई।

चीनी विदेश मंत्री वांग यी, रक्षा मंत्री तुंग चुन और इंडोनेशिया के विदेश मंत्री सुगियोनो और रक्षा मंत्री सजाफ्री स्जामसोएद्दीन ने संयुक्त रूप से इस बैठक की अध्यक्षता की। दोनों पक्षों ने गहन रणनीतिक संवाद किया और श्रृंखलात्मक समानताएं बनाईं।

वांग यी ने कहा कि बड़े विकासशील देश और वैश्विक दक्षिण के अहम सदस्यों के नाते चीन और इंडोनेशिया का समय पर एकता व सहयोग बढ़ाने का महत्व द्विपक्षीय दायरे के बाहर है और क्षेत्र तथा पूरे विश्व में नेतृत्वकारी भूमिका निभाएगा।

वांग यी ने कहा कि नए युग में चीन और इंडोनेशिया शांतिपूर्ण सहअस्तित्व के पांच सिद्धांतों और बानतुंग भावना का प्रचार जारी रखकर व्यापक विकासशील देशों की शक्ति एकत्र कर वैश्विक दक्षिण सहयोग बढ़ाना चाहिए।

तुंग चुन ने कहा कि चीन इंडोनेशिया के साथ प्रतिरक्षा और सेना निर्माण सहयोग बढ़ाकर अपने अपने विकास के लिए सुरक्षा बैरियर मजबूत करने, क्षेत्रीय स्थिरता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने और विश्व में अधिक निश्चितताएं, स्थिरताएं व रचनात्मकताएं डालने को तैयार है।

सुगियोनो ने कहा कि चुनौतीपूर्ण अंतरराष्ट्रीय परिस्थिति में मौजूदा बैठक का बड़ा महत्व है, जिसने दोनों देशों के उच्च स्तरीय रणनीतिक विश्वास और तीव्र सहयोग इच्छा दिखाई है।

सजाफ्री स्जामसोएद्दीन ने कहा कि इंडोनेशिया चीन के साथ दोनों सेनाओं की आवाजाही घनिष्ठ बनाने और प्रतिरक्षा, समुद्रीय सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और अंतर्राष्ट्रीय अपराध आदि क्षेत्रों में सहयोग मजबूत करने, क्षेत्रीय शांति व सुरक्षा की डटकर सुरक्षा करने और वैश्विक चुनौतियों से निपटने को तैयार है।

दोनों पक्षों का एक ही विचार है कि वे सुरक्षा साथियों की जागरूकता बढ़ाकर एक-दूसरे के मुख्य हितों का आपसी समर्थन करेंगे और बाहरी दखल का मिलकर विरोध करेंगे।

21 अगस्त को वांग यी ने सुगियोनो के साथ चीन-इंडोनेशिया सर्वांगीण रणनीतिक वार्ता तंत्र की पहली बैठक की सह अध्यक्षता की और चीन-इंडोनेशिया साझे भविष्य वाले समुदाय के निर्माण पर रायों का गहन आदान-प्रदान कर व्यापक समानताएं प्राप्त कीं।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)