बीजिंग। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 62वें सम्मेलन ने 2 जुलाई को स्विट्जरलैंड के जिनेवा में तकनीकी सहायता के विषय पर द्विवार्षिक संगोष्ठी आयोजित की।
जिनेवा में यूएन के कार्यालय और स्विट्जरलैंड में अन्य अंतर्राष्टीय संगठनों स्थित चीनी स्थायी प्रतिनिधि च्या क्वीत ने 65 देशों की ओर से संयुक्त भाषण दिया और विभिन्न पक्षों से बाधा-मुक्त निर्माण बढ़ाने में एआई की क्षमता उजागर करने की अपील की, ताकि 'सभी के लिए सुलभता' पर प्रस्ताव का कार्यान्वयन किया जा सके।
संयुक्त भाषण में कहा गया है कि 'सभी के लिए सुलभता' मानवाधिकार और बुनियादी आजादी का पूरी तरह, बराबर व सही मायने में आनंद लेने में विकलांगों, बुजुर्गों और अन्य कमजोर लोगों समेत सभी व्यक्तियों के लिए बहुत अहम है।
संयुक्त भाषण में चार सूत्रीय विचार पेश किए गए। पहला, एआई के जरिए सुलभता को बढ़ावा दें, ताकि उच्च गुणवत्ता वाले विकास में नई उम्मीद जग सके। दूसरा, एआई से सुलभता बढ़ाने में मानव को प्राथमिकता देते हुए कमजोर समूहों को सामाजिक कार्यक्रम में हिस्सेदारी की सहायता दें, ताकि सामाजिक विकास की उपलब्धियों का साझा किया जा सके। तीसरा, निष्पक्षता और न्याय में संलग्न रहें, ताकि अलग-अलग समूह और देश सुलभ वातावरण तक पहुंच सके और चौथा, सहिष्णुता को प्रोत्साहित कर डिजिटल विभाजन व असंतुलित विकास कम करने के साथ एआई के संदर्भ में अंतर्राष्ट्रीय और क्षेत्रीय आदान-प्रदान करें।
बताया जाता है कि संयुक्त भाषण को व्यापक समर्थन मिला। रूस, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, क्यूबा, वेनेजुएला, थाईलैंड और कंबोडिया आदि कई देशों ने संयुक्त भाषण में भाग लिया। विकासशील देशों ने सक्रियता से अपना पक्ष रखा।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

