छतरपुर। जिले में खनिज माफियाओं और अवैध उत्खनन करने वाली बड़ी कंपनियों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है। कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने सागर-कानपुर फोरलेन निर्माण में लगी कंपनी एम.के.सी. (MKC) इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड पर शासकीय भूमि से बिना अनुमति मुरम निकालने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। कंपनी पर दो अलग-अलग प्रकरणों में कुल 98 लाख 40 हजार रुपए से अधिक का जुर्माना लगाया गया है।


पहला प्रकरण: खसरा नंबर 1207/4 पर अवैध खुदाई

जांच में पाया गया कि कंपनी द्वारा सागर-कानपुर फोरलेन चौड़ीकरण के दौरान खसरा नंबर 1207/4 की शासकीय भूमि पर अवैध रूप से मुरम का उत्खनन किया जा रहा था। खनिज निरीक्षक के प्रतिवेदन और मौके के पंचनामे के अनुसार, करीब 2280 घनमीटर मुरम निकाली गई थी।

जुर्माने का गणित: मध्यप्रदेश खनिज नियम, 2022 के तहत 50 रुपये प्रति घनमीटर की रॉयल्टी दर से रॉयल्टी राशि 1,14,000 रुपये बनी। नियमानुसार रॉयल्टी की 15 गुना अर्थशास्ति और उतनी ही पर्यावरण क्षतिपूर्ति राशि मिलाकर कुल जुर्माना 68 लाख 40 हजार रुपए निर्धारित किया गया है।


दूसरा प्रकरण: खसरा नंबर 140 पर कार्रवाई

दूसरे मामले में शिकायतकर्ता मोतीलाल गंगेले की शिकायत पर खनिज निरीक्षक ने ग्राम की शासकीय भूमि (खसरा नंबर 140) की जांच की। यहां भी बिना किसी वैध अनुमति के 1100 घनमीटर मुरम का अवैध उत्खनन पाया गया।

जुर्माने का कारण: इस मामले में नियमानुसार कुल शास्ति राशि 16,50,000 रुपये निर्धारित थी। लेकिन कंपनी द्वारा इस राशि का प्रशमन (समझौता/भुगतान) समय पर नहीं किया गया। इसके चलते नियम 18(6) के तहत शास्ति की राशि को दोगुना कर दिया गया, जिसके बाद कंपनी पर 33 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है।


प्रशासन की चेतावनी

कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्यों की आड़ में किसी भी प्रकार का अवैध उत्खनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिला खनिज अधिकारी के अभिमत और साक्ष्यों के आधार पर यह जुर्माना अधिरोपित किया गया है। कंपनी को निर्धारित समय सीमा में जुर्माने की कुल राशि 98,40,000 रुपये जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। इस बड़ी कार्रवाई से जिले में अवैध खनिज परिवहन और उत्खनन करने वालों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन अब अन्य निर्माण स्थलों और खदानों की भी बारीकी से जांच कर रहा है ताकि राजस्व की चोरी रोकी जा सके।