छिंदवाड़ा में यूजीसी बिल के समर्थन में भीम आर्मी का ज्ञापन, राष्ट्रपति से जल्द लागू करने की मांग

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छिंदवाड़ा,जीशान अंसारी। देशभर में उच्च शिक्षा संस्थानों में सामाजिक न्याय और समान अवसर को लेकर चल रही यूजीसी बिल की बहस के बीच छिंदवाड़ा में भी इसका असर देखने को मिला। यूजीसी बिल के समर्थन में भीम आर्मी भारत एकता मिशन सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर बिल को शीघ्र लागू करने की मांग की।
ज्ञापन भीम आर्मी जबलपुर संभाग संयोजक एडवोकेट जॉय जावरकर एवं वरिष्ठ जिला महासचिव मदन बरखने के नेतृत्व में सौंपा गया। ज्ञापन में महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में बहुजन समाज के छात्रों के साथ कथित जातिगत भेदभाव समाप्त करने तथा उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए यूजीसी बिल को आवश्यक बताया गया।
संभाग संयोजक एड. जॉय जावरकर ने कहा कि देशभर में शैक्षणिक संस्थानों में सामाजिक न्याय और समान अवसर को लेकर चर्चा जारी है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाया गया यूजीसी बिल बहुजन समाज के विद्यार्थियों के हितों की रक्षा और शिक्षा व्यवस्था में समानता स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग इस बिल का विरोध कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर होने के कारण फिलहाल इसके क्रियान्वयन पर रोक लगी है, लेकिन संगठन इसे लागू कराने के लिए प्रयासरत रहेगा।
वहीं, वरिष्ठ जिला महासचिव मदन बरखने ने कहा कि यदि यह बिल लागू नहीं होता है तो बहुजन समाज में आक्रोश बढ़ सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार ने जल्द निर्णय नहीं लिया तो छिंदवाड़ा जिले में आजाद समाज पार्टी कांशीराम के तत्वावधान में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
इस दौरान जिला प्रभारी मोहरू पटेल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जितेंद्र कोचे, संगठन मंत्री किशोर वंशकार, सचिव सुजीत पहाड़े, नीरज अहिरवार, अजय बघेल, संदेश बघेलकर, गौतम बरखाने, मनोज सोनेकर, बसंत इंदौरकर, अनिल यादव, अधिवक्ता अजय करोले, अधिवक्ता रामकुमार जम्होरे, दीपक सतनामी, आजाद समाज पार्टी कांशीराम के वरिष्ठ उपाध्यक्ष गोलू रोड़े, जिला सचिव पवन जाटव सहित सैकड़ों पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
