मुंबई। जंतर-मंतर पर हो रहे छात्रों के प्रदर्शन और उससे जुड़ी तस्वीरों ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इस मुद्दे पर कई फिल्मी सितारे अपनी-अपनी राय रख चुके हैं। अब अभिनेता अनुपम खेर ने भी छात्रों के समर्थन में खुलकर बात की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि इस आंदोलन को बाहरी लोगों के एजेंडे का हिस्सा नहीं बनने देना चाहिए।अनुपम खेर ने इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए वीडियो की शुरुआत छात्रों को संबोधित करते हुए की। उन्होंने कहा, "मेरे प्यारे छात्रों, नमस्ते। एक-दो दिन पहले आपके प्रदर्शन की तस्वीरें देखकर मन व्याकुल भी हुआ और दुखी भी। किसी भी छात्र को अपनी बात रखने के लिए ऐसी परिस्थितियों से नहीं गुजरना चाहिए। मैं भी कभी छात्र था। मैंने भी सपने देखे, सवाल पूछे, और व्यवस्था से असहमति जताई। आज भी मेरे संस्थान में सैकड़ों विद्यार्थी हैं, इसलिए मैं आपकी बेचैनी, आपका गुस्सा और आपकी उम्मीदें तीनों को समझ सकता हूं। मेरी नजर में छात्र आंदोलन समाज की सबसे सच्ची आवाज होती है। उनमें कोई स्वार्थ नहीं होता; उनमें उन्हें बस अपने भविष्य की चिंता होती है, अपने अधिकारों की बात होती है, और देश को बेहतर बनाने का सपना भी होता है।"

वीडियो में आगे अनुपम खेर ने छात्रों को सावधान रहने की सलाह भी दी। उन्होंने कहा, ''इसलिए मैं दिल से आपके साथ हूं, लेकिन एक बात और, मैं आपसे बड़े भाई की तरह कहना चाहता हूं। जब आपके आंदोलन में बाहर के लोग घुसने लगते हैं- राजनैतिक अवसरवादी, हर आंदोलन में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने वाले लोग, ऐसे तत्व जिनका मकसद आपका मुद्दा नहीं, बल्कि अपना एजेंडा होता है। तब सावधान हो जाइए। शुरू में आपको लगेगा कि जितने ज्यादा लोग जुड़ेंगे आपकी ताकत उतनी बढ़ेगी, लेकिन हमेशा ऐसा नहीं होता। बहुत बार वही लोग आपकी सबसे बड़ी ताकत को आपकी सबसे बड़ी कमजोरी बना देते हैं। वो आपकी आवाज नहीं बनते, वो आपकी आवाज का इस्तेमाल करने लगते हैं। वो आपके दर्द को महसूस करने नहीं आते, वो आपके दर्द पर अपनी राजनीति की इमारत खड़ी करने आते हैं।''

उन्होंने आगे कहा, ''धीरे-धीरे मुद्दा आपका नहीं रह जाता है; कैमरे उनके हो जाते हैं, नारे उनके हो जाते हैं, मकसद उनका हो जाता है और शायद नुकसान आपका। आपकी सच्चाई पीछे छूट जाती है। आपकी लड़ाई आपकी ही रहनी चाहिए। उसे किसी और के एजेंडे का मंच मत बनने दीजिए। लोकतंत्र में सवाल पूछना आपका अधिकार है, प्रदर्शन करना आपका अधिकार है। अपनी बात मजबूती से कहना आपका अधिकार है, लेकिन, उतनी ही बड़ी जिम्मेदारी ये भी है कि आपकी आवाज पर किसी और का कब्जा ना हो।''

वीडियो के आखिर में अनुपम खेर ने छात्रों को हौसला देते हुए कहा, "याद रखिए, छात्र किसी भी देश की सबसे बड़ी पूंजी होते हैं। आपकी ऊर्जा, आपकी ईमानदारी, और आपका आदर्शवाद ही आपकी असली ताकत है। उसे किसी के हाथ का औजार मत बनने दीजिए। मैं आपके साथ हूं, आज भी... कल भी... मैं चाहता हूं कि आप निडर होकर अपनी बात कहें, लेकिन अपनी शर्तों पर, अपने विवेक से, अपने आत्मसम्मान के साथ। ईश्वर आपको स्वस्थ रखें, सुरक्षित रखें और हमेशा सच के साथ खड़े रहने का साहस दे।"

अनुपम खेर ने वीडियो के साथ एक लंबा कैप्शन भी लिखा। उन्होंने कहा, ''छात्र किसी भी देश की सबसे बड़ी उम्मीद होते हैं। उनकी आवाज को सुना जाना चाहिए, समझा जाना चाहिए और उसका सम्मान होना चाहिए। मेरी केवल एक प्रार्थना है – अपनी लड़ाई, अपना मुद्दा और अपनी सोच किसी और के हाथों का औजार मत बनने दीजिए। यह संदेश किसी के पक्ष या विपक्ष में नहीं, बल्कि हमारे युवाओं के भविष्य के पक्ष में है। सुरक्षित रहिए, जागरूक रहिए और अपने विवेक पर हमेशा भरोसा रखिए।''