मौहारी टोल प्लाजा पर भड़का आक्रोश, सरपंचों के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों का प्रदर्शन

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सतना,अंबिका केशरी । एनएच-39 के सतना–नागौद मार्ग स्थित मौहारी टोल प्लाजा पर मंगलवार को क्षेत्रीय लोगों का आक्रोश खुलकर सामने आ गया। टोल प्लाजा के संचालन और कर्मचारियों के व्यवहार से नाराज ग्रामीणों ने सरपंचों के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में पहुंचकर टोल के सामने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने तहसीलदार प्रज्ञा दुबे को ज्ञापन सौंपकर टोल प्लाजा में हो रही अनियमितताओं की जांच कर सख्त कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का आरोप है कि टोल प्लाजा में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को कर्मचारी के रूप में तैनात किया गया है, जो आए दिन स्थानीय लोगों से विवाद करते हैं और अभद्र व्यवहार करते हैं। इससे क्षेत्र में लगातार तनाव का माहौल बना रहता है और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि टोल प्रबंधन द्वारा नियमों की अनदेखी कर मनमाने ढंग से संचालन किया जा रहा है।
ज्ञापन में बताया गया कि टोल नियमावली के अनुसार कर्मचारियों के लिए सुरक्षा उपकरण जैसे पीपीई किट, यूनिफॉर्म, सेफ्टी शूज और आईडी कार्ड अनिवार्य होते हैं, लेकिन मौहारी टोल प्लाजा में इन नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। इसके अलावा टोल परिसर में एम्बुलेंस, क्रेन और फायर सेफ्टी जैसी आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं, जो किसी भी आपात स्थिति में बड़ी समस्या बन सकती हैं।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि कई बार टोल कर्मचारियों द्वारा वाहन चालकों से नकद पैसे लेने को लेकर विवाद की स्थिति बन जाती है, जबकि डिजिटल भुगतान की व्यवस्था प्रभावी रूप से लागू नहीं की गई है। साथ ही सरकार की गाइडलाइन के अनुसार महिला और पुरुषों के लिए अलग-अलग शौचालय की व्यवस्था अनिवार्य है, लेकिन यहां यह सुविधा भी उपलब्ध नहीं है।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की है कि मौहारी टोल प्लाजा के संचालन की निष्पक्ष जांच कराई जाए और नियमों का उल्लंघन करने वाले टोल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। तहसीलदार प्रज्ञा दुबे ने प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त किया कि उनका ज्ञापन उच्च अधिकारियों तक भेजकर मामले की जांच कराई जाएगी।

