उत्तरप्रदेश। अफगानिस्तान क्रिकेट जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। राष्ट्रीय टीम के पूर्व स्टार तेज गेंदबाज शापूर जादरान का मंगलवार को भारत में निधन हो गया। वे महज 38 वर्ष के थे और बुधवार को उनका 39वां जन्मदिन था। शापूर पिछले काफी समय से हेमोफैगोसिटिक लिम्फोहिस्टियोसाइटोसिस (HLH) नामक एक अत्यंत दुर्लभ और गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उन्होंने उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान अंतिम सांस ली। उनके असमय निधन से वैश्विक क्रिकेट बिरादरी और विशेषकर अफगान क्रिकेट प्रेमियों में शोक की लहर दौड़ गई है।
अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने जताया गहरा शोक
अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल्स के जरिए शापूर जादरान के निधन की पुष्टि करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। बोर्ड ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि पूर्व तेज गेंदबाज के चले जाने से अफगान क्रिकेट ने अपना एक बेहद समर्पित, जुझारू और अहम खिलाड़ी खो दिया है, जिसकी भरपाई करना नामुमकिन है। बोर्ड के साथ-साथ दुनिया भर के पूर्व क्रिकेटरों और प्रशंसकों ने भी सोशल मीडिया पर उनके परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की हैं।
अफगानिस्तान क्रिकेट को वैश्विक मंच पर दिलाने में था ऐतिहासिक योगदान
शापूर जादरान का नाम अफगानिस्तान क्रिकेट के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज है। वे उन शुरुआती और बुनियादी खिलाड़ियों के समूह में शामिल थे, जिन्होंने युद्ध की विभीषिका झेल रहे देश के क्रिकेट को शून्य से उठाकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में अपना सर्वस्व झोंक दिया था। अपनी तेजतर्रार लेफ्ट आर्म (बाएं हाथ की) गेंदबाजी, लंबे रन-अप और मैदान पर बेहद आक्रामक अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले शापूर ने साल 2009 से 2020 के बीच अफगानिस्तान के लिए कुल 80 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। इनमें 44 एकदिवसीय (ODI) और 36 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच शामिल रहे। उन्होंने अपनी टीम को एसोसिएट नेशन के दर्जे से बाहर निकालकर आईसीसी (ICC) वनडे वर्ल्ड कप और टी-20 वर्ल्ड कप के मुख्य मंच तक क्वालिफाई कराने में सबसे महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी।
क्या है HLH बीमारी, जिससे पिछले साल अक्टूबर से लड़ रहे थे शापूर
शापूर के छोटे भाई घमई जादरान द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, पूर्व क्रिकेटर पिछले साल अक्टूबर से ही काफी अस्वस्थ चल रहे थे। अफगानिस्तान में शुरुआती इलाज के बाद वहां के डॉक्टरों की विशेष सलाह पर उन्हें बेहतर और उन्नत चिकित्सा के लिए भारत लाया गया था, जहां ग्रेटर नोएडा के अस्पताल में उनका लंबा उपचार चला। वे हेमोफैगोसिटिक लिम्फोहिस्टियोसाइटोसिस (HLH) नाम की एक जानलेवा और दुर्लभ बीमारी से पीड़ित थे। चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, इस बीमारी में मरीज का अपना ही इम्यून सिस्टम (रोग प्रतिरोधक क्षमता) असामान्य रूप से जरूरत से ज्यादा सक्रिय हो जाता है और बाहर से आने वाले संक्रमण से लड़ने के बजाय शरीर के अपने ही स्वस्थ अंगों और कोशिकाओं को नष्ट करने लगता है।
अस्पताल के बेड पर साथी को देख भावुक हुए थे राशिद खान और मोहम्मद नबी
इसी साल मई के महीने में जब अफगानिस्तान की टीम भारत के दौरे या आईपीएल के सिलसिले में यहां थी, तब टीम के वर्तमान स्टार क्रिकेटर राशिद खान और पूर्व कप्तान मोहम्मद नबी विशेष रूप से ग्रेटर नोएडा के अस्पताल पहुंचे थे। दोनों खिलाड़ियों ने आईसीयू (ICU) बेड पर जीवन और मौत की लड़ाई लड़ रहे शापूर जादरान से मुलाकात की थी और उनके जल्द ठीक होने की दुआ की थी। मुलाकात के बाद मोहम्मद नबी ने सोशल मीडिया पर एक बेहद भावुक पोस्ट साझा करते हुए अपने पुराने साथी को इस लाचार स्थिति में देखकर गहरा दुख व्यक्त किया था। आज शापूर के चले जाने के बाद उनके पुराने साथी खिलाड़ी और बोर्ड के अधिकारी उनके द्वारा देश के लिए दिए गए योगदान को याद कर नमन कर रहे हैं।




