थाने के भीतर पुलिस अभिरक्षा में आरोपी ने की आत्महत्या, एसपी ने दो आरक्षकों को किया निलंबित

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महिला डेस्क के स्नानगृह में फंदे पर झूला आरोपी राजेश पटेल
थाने के बाहर ग्रामीणों का भारी आक्रोश और भीड़, न्यायिक जांच के आदेश
छतरपुर। छतरपुर जिले के राजनगर थाने के भीतर शनिवार को उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब पुलिस की हिरासत में बंद एक आरोपी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान ग्राम इमलया निवासी राजेश पटेल के रूप में हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक अगम जैन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आदित्य पटले दल-बल के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस अभिरक्षा में हुई इस मौत ने थाने की सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता की कलई खोलकर रख दी है।
महिला डेस्क के स्नानगृह में उठाया खौफनाक कदम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी राजेश पटेल को पुलिस ने किसी मामले में पूछताछ या कार्रवाई हेतु थाने में रखा था। बताया जा रहा है कि आरोपी ने थाने के भीतर बनी महिला डेस्क (हेल्प डेस्क) के स्नानगृह (बाथरूम) में जाकर फांसी लगा ली। जब तक पुलिस कर्मियों को इस बात की भनक लगी, तब तक आरोपी की मृत्यु हो चुकी थी। थाने के सुरक्षित माने जाने वाले परिसर के भीतर इस तरह की घटना होना पुलिस की घोर लापरवाही को दर्शाता है। घटना की खबर फैलते ही मृतक के परिजन और ग्राम इमलिया के बड़ी संख्या में लोग राजनगर थाने के बाहर जमा हो गए, जिससे वहां तनाव की स्थिति निर्मित हो गई है।
दो आरक्षक तत्काल प्रभाव से निलंबित
मामले की गंभीरता और प्रथम दृष्टया लापरवाही को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अगम जैन ने कड़ी कार्रवाई की है। ड्यूटी के दौरान मुस्तैदी न बरतने के आरोप में आरक्षक संजय सिंह और आरक्षक शिवकुमार पाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। पुलिस अधीक्षक का स्पष्ट कहना है कि हिरासत में बंद व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस की जिम्मेदारी थी, जिसमें चूक हुई है। इस कार्रवाई के माध्यम से विभाग ने यह संदेश देने का प्रयास किया है कि अनुशासनहीनता और लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

न्यायिक जांच शुरू: मजिस्ट्रेट पहुँचे थाने
चूँकि यह मामला 'कस्टोडियल डेथ' (पुलिस अभिरक्षा में मृत्यु) से जुड़ा है, इसलिए नियमों के अनुसार इसकी उच्च स्तरीय न्यायिक जांच शुरू कर दी गई है। मामले की बारीकियों को समझने और साक्ष्य जुटाने के लिए मजिस्ट्रेट स्वयं राजनगर थाने पहुँच चुके हैं। प्राथमिक जांच के साथ-साथ अब यह देखा जा रहा है कि आरोपी को किस स्थिति में वहां रखा गया था और आत्महत्या के पीछे के कारण क्या थे। वर्तमान में थाने के बाहर भारी पुलिस बल तैनात है और वरिष्ठ अधिकारी स्थिति को नियंत्रित करने के साथ-साथ आक्रोशित ग्रामीणों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं।
सुनिए क्या बोले छतरपुर पुलिस अधीक्षक अगम जैन...
