नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मंगलवार को सोलोमन द्वीपसमूह को उनकी स्वतंत्रता की 48वीं वर्षगांठ पर शुभकामनाएं दीं। वहां की सरकार और जनता को बधाई देते हुए एक तस्वीर साझा की जो प्रगाढ़ द्विपक्षीय संबंधों का उदाहरण है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से एस जयशंकर ने अपने समकक्ष, सोलोमन द्वीपसमूह के विदेश मंत्री रिकी नेल्सन होएनिपवेला, को भी बधाई दी।

जयशंकर ने लिखा, "विदेश मंत्री रिकी नेल्सन होएनिपवेला, सोलोमन द्वीपसमूह की सरकार और वहां की जनता को स्वतंत्रता की 48वीं वर्षगांठ पर हार्दिक शुभकामनाएं।"

उनकी पोस्ट के साथ साझा की गई तस्वीर फरवरी 2025 की है। तब भारत ने सोलोमन द्वीपसमूह के नेशनल रेफरल हॉस्पिटल को एक डायलिसिस मशीन उपहार स्वरूप प्रदान की थी।

विदेश मंत्रालय के आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, भारत और सोलोमन द्वीपसमूह के बीच राजनयिक संबंध मई 1987 में स्थापित हुए थे। सोलोमन द्वीपसमूह ने 2003 में नई दिल्ली में अपना मानद वाणिज्य दूतावास स्थापित किया था।

16 मार्च 2023 को सोलोमन द्वीपसमूह का एक प्रतिनिधिमंडल नई दिल्ली में अपना स्थायी राजनयिक मिशन स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए भारत पहुंचा था। दोनों देशों के संबंध मैत्रीपूर्ण हैं, और बहुपक्षीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर राजनीतिक सहयोग निरंतर बना हुआ है। पोर्ट मोरेस्बी स्थित भारतीय मिशन को सोलोमन द्वीपसमूह के लिए भी मान्यता प्राप्त है।

भारत की प्रशांत द्वीपीय देशों (पैसिफिक आइलैंड कंट्रीज-पीआईसी) के साथ साझेदारी 'एक्ट ईस्ट नीति' के तहत और मजबूत हुई है। इसी के तहत भारत-प्रशांत द्वीप सहयोग मंच (एफआईपीआईसी) की स्थापना की गई।

एफआईपीआईसी की बैठकों के दौरान द्विपक्षीय साझेदारी और क्षेत्रीय स्थिरता पर जोर दिया गया है। 2025 के शिखर सम्मेलन में भारत की एजुकेशन से लेकर हेल्थ सेक्टर तक में मदद के लिए आभार जताया गया था। तत्कालीन विदेश मंत्री शेनेल अगोवाका ने बैठक में भारत का मदद के लिए आभार जताया था। उन्होंने डायलिसिस यूनिट उपलब्ध कराना, कोविड-19 महामारी के दौरान सहयोग और पैसिफिक गेम्स (2023) के आयोजन के लिए लॉजिस्टिक (रसद) सहायता के लिए धन्यवाद दिया था। 2023 में आधिकारिक रूप से स्थापित नई दिल्ली स्थित सोलोमन द्वीपसमूह के उच्चायोग (हाई कमीशन) के संचालन में भी भारत ने महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करने का उल्लेख किया था।