Wednesday, February 25, 2026

LOGO

BREAKING NEWS
देशएक्टर सानंद वर्मा को ओटीटी क्यों है ज्यादा पसंद, बताया अपना अनुभव

एक्टर सानंद वर्मा को ओटीटी क्यों है ज्यादा पसंद, बताया अपना अनुभव

Post Media
News Logo
PeptechTime
1 फ़रवरी 2026, 05:00 pm IST
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter/XOpen Instagram
Copy Link

Advertisement

मुंबई। टीवी सीरियल 'भाबी जी घर पर हैं' में अनोखे लाल सक्सेना के किरदार से घर-घर में फेमस हुए एक्टर सानंद वर्मा अब ओटीटी और फिल्मों की जान बन चुके हैं। उन्हें लगभग हर प्लेटफॉर्म पर काम करने का अनुभव है। अब अभिनेता ने आईएएनएस से अपने पसंदीदा प्लेटफॉर्म और अपने किरदारों को लेकर खुलकर बात की है।


टेलीविजन, फिल्मों और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स में एक शानदार करियर बनाने और चुनौतियों पर बात करते हुए सानंद वर्मा ने कहा, "मेरे लिए सबसे संतोषजनक माध्यम वेब सीरीज रहा है। इसका कारण यह है कि ये बहुत आसान है। ओटीटी प्लेटफॉर्म पर किरदारों को कहीं अधिक स्वतंत्रता मिलती है। आज भी, डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए बनी वेब सीरीज पर सेंसरशिप बहुत कम होती है। इस स्वतंत्रता के कारण, किरदार अधिक ईमानदारी से बोल सकते हैं।


अपने किरदारों पर बात करते हुए उन्होंने कहा, "मुझे ऐसे किरदार निभाना सबसे चुनौतीपूर्ण लगता है जिनकी मानसिकता या कार्य मुझे बेहद नापसंद हों या नैतिक रूप से विचलित करने वाले लगें। अगर मुझे ऐसा किरदार निभाना पड़े जो कुछ ऐसा करता हो जिसे मैं व्यक्तिगत रूप से गलत मानता हूं, तो यह बेहद मुश्किल हो जाता है।"


'भाबी जी घर पर हैं' के अपने अनोखे सक्सेना के किरदार पर अभिनेता ने कहा, "अनोखे लाल सक्सेना के साथ मैंने कई महत्वपूर्ण और विविध भूमिकाएं निभाई हैं, जिनकी सराहना हुई है। 'छिछोरे' में मेरी भूमिका को खूब पसंद किया गया। 'पटाखा' में विशाल भारद्वाज ने मुझे मुख्य खलनायक की भूमिका दी। मैंने अनुराग कश्यप के निर्देशन में टर्की पटेल, दुबे जी और 'सेक्रेड गेम्स' में पुरुषोत्तम बारिया जैसे किरदार निभाए हैं।


उन्होंने आगे कहा, "अपने करियर की शुरुआत में ही मैंने तय कर लिया था कि मैं अपना पूरा जीवन सिर्फ एक ही किरदार निभाते हुए नहीं बिताना चाहता। मुझे हमेशा अपनी बहुमुखी प्रतिभा पर विश्वास रहा है और मैंने शुरू से ही सोच-समझकर अलग-अलग तरह की भूमिकाएं चुनी हैं। इसी सोच के कारण मुझे कभी भी बंधे हुए या एक ही तरह के किरदारों तक सीमित होने का एहसास नहीं हुआ।"


सानंद वर्मा ने फिल्मों से लेकर वेब सीरीज तक में सहायक किरदार निभाए हैं। उन्होंने बताया कि उनके लिए मुख्य अभिनेता और सहायक अभिनेता के बीच कोई भेद नहीं है। उन्होंने कहा, "मैं इस विभाजन में बिल्कुल भी विश्वास नहीं करता। मुख्य अभिनेता का अपना महत्व होता है क्योंकि वही दर्शकों को सिनेमाघरों या प्लेटफार्मों तक लाता है। फिल्म, पोस्टर और सब्सक्रिप्शन बेचता है। इस महत्व को नकारा नहीं जा सकता। साथ ही सहायक अभिनेता भी उतने ही आवश्यक हैं। उनके बिना कहानी आगे नहीं बढ़ सकती। मजबूत सहायक किरदारों के बिना कोई फिल्म या सीरीज बन ही नहीं सकती। दोनों का अपना-अपना स्थान और महत्व है। उनके बीच कोई प्रतिस्पर्धा नहीं है।"


कॉमेडी किरदारों के बाद गंभीर किरदारों को करने में चुनौतियों के सवाल पर अभिनेता ने कहा, "मुझे गंभीर किरदार मिले हैं, लेकिन यह सच है कि मुझे कॉमेडी के लिए ज्यादा ऑफर मिलते हैं क्योंकि लोग मुझे उस शैली में जानते और पसंद करते हैं। अगर आप गौर से देखें तो मैंने गिल्टी माइंड्स, अपहरण, पटाखा और सेक्रेड गेम्स जैसी परियोजनाओं में गंभीर भूमिकाएं निभाई हैं। साथ ही, जब मैं कॉमेडी करता हूं तो मुझे अलग से फीलिंग्स या भाव का सहारा नहीं लेना पड़ता है, वो खुद-ब-खुद हो जाती है। मुझे कॉमेडी और गंभीर दोनों तरह के किरदार पसंद हैं और दर्शकों ने मुझे दोनों में ही स्वीकार किया है।"


--आईएएनएस

Today In JP Cinema, Chhatarpur (M.P.)