वन विभाग की बाउंड्री पर उठा जनआक्रोश, पार्षदों ने बताया जनहित के खिलाफ निर्माण

Advertisement
उमरिया, तपस गुप्ता। नगर पालिका परिषद उमरिया क्षेत्र में वन विभाग द्वारा कराए जा रहे पक्की बाउंड्री और फेंसिंग निर्माण को लेकर विरोध तेज हो गया है। आरोप है कि यह निर्माण वन विभाग अपनी मूल स्वीकृत सीमा से आगे बढ़कर कर रहा है, जिससे नगर पालिका की सार्वजनिक भूमि, मार्ग और नागरिक सुविधाएं प्रभावित हो रही हैं। इसी मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस के पार्षदों ने एकजुट होकर कलेक्टर उमरिया को संयुक्त ज्ञापन सौंपा और निर्माण कार्य पर तत्काल रोक की मांग की।
पार्षदों का कहना है कि डीएफओ बंगला, डीएफओ कार्यालय और अस्पताल रोड स्थित वन विभाग परिसर में बनाई जा रही बाउंड्री नगर पालिका की सीमा में हस्तक्षेप कर रही है। इससे नालियों की सफाई, सड़कों के संधारण और नगर पालिका के रोजमर्रा के कार्यों में परेशानी आएगी। भविष्य में प्रस्तावित पेयजल पाइपलाइन, नाली, फुटपाथ और अन्य विकास कार्यों के लिए भी स्थान की कमी खड़ी हो सकती है।
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जिन बड़े पेड़ों को संरक्षित किया जाना चाहिए था, उन्हीं की जड़ों को खोदकर निर्माण कराया जा रहा है। एक बड़ी कर्मचारी कॉलोनी, जहां वर्षों से छोटे कर्मचारी निवास करते थे, उसे तोड़कर केवल डीएफओ और एसडीओ के आवास विकसित किए जा रहे हैं। कई कर्मचारियों के आवास आंशिक रूप से तोड़ दिए गए हैं, वहीं कुछ के घरों के सामने ही बाउंड्री खड़ी कर दी गई है।
आरोप यह भी है कि तेंदूपत्ता लाभांश से कॉलोनीवासियों के लिए बनाई गई पानी की टंकी अब डीएफओ आवास परिसर के भीतर चली गई है। इसके अलावा स्थानीय सड़क पर स्थित वह कुआं, जिसका उपयोग लोग नलों में खराबी के समय वर्षों से करते आ रहे थे, अब बाउंड्री के अंदर बंद हो गया है। इससे आम नागरिकों को पानी के लिए परेशानी झेलनी पड़ रही है।
पार्षदों का कहना है कि यह पूरा निर्माण नगर पालिका से अनुमति या एनओसी लिए बिना किया जा रहा है, जो नियमों के विपरीत है। मामले में जब डीएफओ उमरिया से संपर्क किया गया तो उन्होंने मीटिंग में होने की बात कही।
नगर पालिका उपाध्यक्ष और पार्षदों ने मांग की है कि निर्माण कार्य रोका जाए और निष्पक्ष जांच कराकर सार्वजनिक हित, सरकारी संपत्ति और नागरिक सुविधाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
