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केंद्रीय बजट 2026-27: भारत की विकास यात्रा को नई गति देने वाला ऐतिहासिक कदम

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1 फ़रवरी 2026, 11:52 am IST
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नई दिल्ली| 1 फरवरी 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में अपना लगातार नौवां बजट पेश किया, जो स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार रविवार को पेश हुआ। यह बजट तीन प्रमुख 'कर्तव्यों' पर आधारित है - आर्थिक विकास को तेज और स्थायी बनाना, लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और सबका साथ-सबका विकास सुनिश्चित करना। बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिकॉर्ड खर्च, महिलाओं-युवाओं-खिलाड़ियों के लिए विशेष योजनाएं, टैक्स सुधार, स्वास्थ्य-शिक्षा में विस्तार और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मजबूत कदम उठाए गए हैं। कुल मिलाकर यह बजट विकास, रोजगार, समावेशिता और वैश्विक चुनौतियों से निपटने पर केंद्रित है, जो भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की राह पर मजबूती से आगे बढ़ाएगा।


1. हर जिले में महिला छात्रावास की स्थापना

देश में विज्ञान, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ्स जैसी पढ़ाई करने वाली लड़कियों को अक्सर घर से दूर जाना पड़ता है, जहां हॉस्टल की कमी और सुरक्षा की चिंता अभिभावकों को सताती रहती है। बजट में सरकार ने ऐलान किया है कि अब देश के हर जिले में कम से कम एक महिला छात्रावास बनाया जाएगा। ये छात्रावास विशेष रूप से STEM विषयों की पढ़ाई करने वाली लड़कियों के लिए सुविधाजनक होंगे, जहां प्रयोगशालाओं में ज्यादा समय बिताने की व्यवस्था, बेहतर सुरक्षा और रहने की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इस कदम से लाखों लड़कियां बिना किसी रुकावट के उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकेंगी और देश में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी।


2. खगोल विज्ञान पर विशेष फोकस और चार बड़े टेलीस्कोप

बजट में खगोल विज्ञान और अंतरिक्ष शोध को नई ऊर्जा देने का बड़ा ऐलान किया गया है। सरकार ने चार प्रमुख टेलीस्कोप सुविधाएं स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है, जिनमें नेशनल लार्ज सोलर टेलीस्कोप, नेशनल लार्ज ऑप्टिकल-इन्फ्रारेड टेलीस्कोप, हिमालयन चंद्र टेलीस्कोप और कॉसमॉस-2 प्लेनेटोरियम शामिल हैं। ये सुविधाएं भारतीय वैज्ञानिकों को सूर्य, चंद्रमा, ग्रहों और ब्रह्मांड के गहरे रहस्यों का अध्ययन करने में सक्षम बनाएंगी। इससे शोध, शिक्षा और अनुसंधान में क्रांति आएगी तथा भारत अंतरिक्ष विज्ञान में वैश्विक स्तर पर मजबूत स्थिति हासिल करेगा।


3. 10 हजार विश्व स्तरीय टूरिस्ट गाइड तैयार करने की योजना

पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने और युवाओं को रोजगार देने के लिए इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (IIM) के तहत 10 हजार से ज्यादा युवाओं को विश्व स्तरीय टूरिस्ट गाइड बनाया जाएगा। यह 8 सप्ताह का उच्च गुणवत्ता वाला कोर्स हाइब्रिड मोड में चलेगा, जिसमें विश्व प्रसिद्ध स्थलों, इतिहास, संस्कृति और पर्यटन प्रबंधन की पूरी जानकारी दी जाएगी। इससे युवाओं को अच्छी कमाई वाली नौकरियां मिलेंगी, पर्यटन उद्योग मजबूत होगा और भारत की सांस्कृतिक धरोहर दुनिया भर में बेहतर तरीके से पहुंचेगी।


4. खेलो इंडिया मिशन: अगले दशक में खेल क्षेत्र को बदलने का वादा

खेल को अब मनोरंजन या फिटनेस तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे रोजगार और कौशल का बड़ा स्रोत बनाया जाएगा। बजट में अगले 10 साल के लिए खेलो इंडिया मिशन लॉन्च करने का ऐलान है। इस मिशन के तहत छोटे गांवों-शहरों से प्रतिभा ढूंढी जाएगी, खिलाड़ियों को ओलंपिक स्तर की ट्रेनिंग, रहन-सहन और सुविधाएं दी जाएंगी। साथ ही कोच, फिजियोथेरेपिस्ट, स्पोर्ट्स साइकोलॉजिस्ट, डाइट एक्सपर्ट और स्पोर्ट्स मैनेजमेंट में लाखों नौकरियां पैदा होंगी। 'मेक इन इंडिया' के तहत खेल सामान का उत्पादन बढ़ेगा, जो 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 ओलंपिक की तैयारी में मददगार साबित होगा।


5. लखपति दीदी योजना का विस्तार और 'शी मार्ट्स' की शुरुआत

ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने वाली लखपति दीदी योजना की सफलता को आगे बढ़ाते हुए अब महिलाओं को कर्ज से आगे अपना उद्यम चलाने में मदद मिलेगी। बजट में 'शी मार्ट्स' नाम से सामुदायिक स्वामित्व वाले रिटेल आउटलेट स्थापित करने का प्रस्ताव है, जो सेल्फ-हेल्प ग्रुप्स की महिलाएं चलाएंगी। इन्हें बेहतर वित्तीय सहायता, ट्रेनिंग और नवाचार के लिए समर्थन मिलेगा। इससे महिलाएं उद्यमी बनेंगी, उनकी आय बढ़ेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।


6. एनआरआई और विदेशी निवेश को आसान बनाने के कदम

एनआरआई अब भारतीय कंपनियों में ज्यादा निवेश कर सकेंगे। व्यक्तिगत निवेश की सीमा बढ़ाकर 10% और कुल एनआरआई निवेश की लिमिट 24% कर दी गई है। विदेश यात्रा टूर पैकेज पर टीसीएस 5-20% से घटाकर 2% कर दिया गया है। व्यक्तिगत आयात पर टैरिफ भी 20% से 10% हो गया है। ये बदलाव घरेलू बाजार में विदेशी पूंजी को आकर्षित करेंगे और अर्थव्यवस्था को नई गति देंगे।


7. टैक्स सुधार: अनजाने गलती पर जेल नहीं, सिर्फ जुर्माना

टैक्सपेयर्स को राहत देने के लिए बड़े सुधार किए गए हैं। अनजाने में टैक्स छिपाने पर अब जेल की सजा नहीं, बल्कि सिर्फ जुर्माना होगा। विदेश में अघोषित संपत्ति वालों को 6 महीने का विशेष समय दिया जाएगा। आईटीआर सुधारने की अंतिम तारीख 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई है। मोटर दुर्घटना के ब्याज पर टैक्स छूट मिलेगी। ये कदम भरोसा आधारित टैक्स व्यवस्था बनाएंगे और करदाताओं की परेशानी कम करेंगे।


8. स्वास्थ्य क्षेत्र में एक लाख नए एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स

अगले 5 साल में 1 लाख एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स तैयार किए जाएंगे, जैसे ऑप्टोमेट्रिस्ट, रेडियोलॉजिस्ट, फिजियोथेरेपिस्ट आदि। मौजूदा संस्थानों को अपग्रेड किया जाएगा और नए संस्थान खोले जाएंगे। तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित होंगे। योग और आयुष को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने के लिए जामनगर में WHO सेंटर अपग्रेड होगा। इससे स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी और युवाओं को नई नौकरियां मिलेंगी।


9. कैपिटल एक्सपेंडिचर में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

बजट में सार्वजनिक पूंजीगत खर्च को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये किया गया है, जो पिछले साल से करीब 9% अधिक है। यह इंफ्रास्ट्रक्चर, रेल, सड़क, बंदरगाह और अन्य क्षेत्रों में विकास को तेज करेगा। प्रभावी कैपेक्स 17.15 लाख करोड़ तक पहुंचेगा, जो जीडीपी का 4.4% है। इससे अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी, रोजगार बढ़ेगा और लंबे समय तक स्थिर विकास सुनिश्चित होगा।


10. फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस पर एसटीटी बढ़ोतरी और अन्य बाजार सुधार

शेयर बाजार में सट्टेबाजी कम करने के लिए फ्यूचर्स पर एसटीटी 0.02% से बढ़ाकर 0.05% और ऑप्शंस पर 0.15% कर दिया गया है। बायबैक में सभी शेयरधारकों पर कैपिटल गेन टैक्स लगेगा। ये कदम बाजार में पारदर्शिता लाएंगे, सिस्टेमिक रिस्क कम करेंगे और निवेशकों के हितों की रक्षा करेंगे।

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