वाशिंगटन । जेफरी एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों के नए बैच में सनसनीखेज खुलासे हुए हैं, जिनमें अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर इजरायल के दबाव का गंभीर आरोप लगाया गया है। अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा शुक्रवार को जारी लाखों पेज के इन दस्तावेजों में एक एफबीआई रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया गया है कि ट्रंप "इजरायल द्वारा कम्प्रोमाइज्ड" थे, यानी उनके ऊपर इजरायल का नियंत्रण था।
रिपोर्ट में एक "विश्वसनीय गोपनीय सूत्र" (Confidential Human Source) के हवाले से कहा गया है कि ट्रंप के दामाद जैरेड कुशनर ने ट्रंप के कारोबारी साम्राज्य और राष्ट्रपति पद के कामकाज दोनों पर "जरूरत से ज्यादा दखल" रखा था। आरोप है कि कुशनर के परिवार के कथित तौर पर भ्रष्टाचार, रूसी पैसों के लेन-देन और कट्टर यहूदी संगठन चबाड नेटवर्क से गहरे संबंध थे। कुशनर के पिता चार्ल्स कुशनर को पहले वित्तीय अपराधों में दोषी ठहराया गया था, लेकिन बाद में ट्रंप ने उन्हें राष्ट्रपति क्षमा प्रदान कर दी थी।
रिपोर्ट में एपस्टीन के वकील एलन डर्शोविट्ज़ पर भी गंभीर इल्जाम लगाए गए हैं। दावा है कि मोसाद (इजरायली खुफिया एजेंसी) ने उन्हें प्रभावित कर लिया था, ताकि वह अमीर और राजनीतिक रूप से जुड़े छात्रों को इजरायल के पक्ष में प्रभावित कर सकें।
एलन मस्क और बिल गेट्स पर भी नए खुलासे
दस्तावेजों में टेस्ला के मालिक एलन मस्क और एपस्टीन के बीच ईमेल बातचीत के ज्यादा विस्तृत विवरण सामने आए हैं। एपस्टीन ने मस्क को अपने अमेरिकी वर्जिन आइलैंड्स स्थित निजी द्वीप पर आने का न्योता दिया था। ईमेल में यात्रा की तारीखें, हेलीकॉप्टर व्यवस्था और संभावित पार्टियों पर चर्चा हुई। मस्क ने "वाइल्डेस्ट पार्टी" वाली तारीख पूछी, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि वे कभी द्वीप पर गए या नहीं।
इसी तरह, माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स पर भी चौंकाने वाले आरोप हैं। एपस्टीन द्वारा 2013 में खुद को लिखे गए ईमेल में दावा किया गया है कि गेट्स ने रूसी महिलाओं के साथ संबंध बनाने के बाद यौन रोग (STD) पकड़ लिया था। आरोप है कि उन्होंने चुपचाप अपनी तत्कालीन पत्नी मेलिंडा गेट्स को देने के लिए एंटीबायोटिक दवाएं मांगी थीं। गेट्स की ओर से इन आरोपों को "पूरी तरह झूठा और बकवास" करार दिया गया है।
इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई
अमेरिकी न्याय विभाग ने स्पष्ट किया है कि इनमें से कई आरोप असत्यापित, अनिश्चित और सनसनीखेज हैं, खासकर ट्रंप से जुड़े दावे। ये दस्तावेज एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट के तहत जारी किए गए हैं, लेकिन विभाग ने कहा कि इनकी सत्यता की पुष्टि नहीं की गई है और ये केवल जांच का हिस्सा हैं।

