छतरपुर, जेके आशु। मध्य प्रदेश के चर्चित MCX माफिया कांड और व्यापारी राजेश अग्रवाल को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में एक बड़ा कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। मामले के मुख्य नामजद आरोपी कल्लू कलई और शरद अग्रवाल को माननीय उच्च न्यायालय (हाईकोर्ट) से नियमित जमानत मिल गई है। इससे पहले छतरपुर जिला अदालत ने मामले की गंभीरता और आरोपियों की संलिप्तता को देखते हुए उनकी जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया था, जिसके बाद आरोपियों ने हाईकोर्ट की शरण ली थी।
इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस ने दोनों ही फरार आरोपियों पर पहले 5-5 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था, जिसे बाद में पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय द्वारा बढ़ाकर 20-20 हजार रुपये कर दिया गया था। पुलिस रिकॉर्ड और दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, शरद अग्रवाल, कल्लू कलई, सुरेश नगरिया, अनवर खान और दीपक अग्रवाल पर आरोप है कि उन्होंने सुनियोजित तरीके से मिलकर पीड़ित राजेश अग्रवाल को अत्यधिक उकसाया, उन पर भारी दबाव बनाया और उन्हें मानसिक रूप से इस कदर प्रताड़ित किया कि अंततः उन्होंने तंग आकर आत्मघाती कदम उठा लिया।
पुलिस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक, अवैध और अनधिकृत कमोडिटी व्यापार (MCX) से जुड़े इस पूरे सिंडिकेट ने मृतक राजेश अग्रवाल के साथ बड़ी धोखाधड़ी की थी और फिर लगातार उन पर पैसों को लेकर दबाव बनाया जा रहा था। इसी मानसिक तनाव के चलते पीड़ित ने आत्महत्या कर ली थी। घटना के बाद शहर में फैले जनाक्रोश को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विभिन्न संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उनकी तलाश तेज कर दी थी।
अब मुख्य आरोपियों को हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद क्षेत्र के व्यापारिक और सामाजिक हलकों में कई तरह के सवाल तैरने लगे हैं। लोग चर्चा कर रहे हैं कि क्या शहर में पैर पसार चुका MCX माफिया का यह खतरनाक खेल पर्दे के पीछे से अब भी संचालित हो रहा है और क्या राजेश अग्रवाल की मौत के इस पूरे ताने-बाने के पीछे कुछ और बड़े रसूखदार खिलाड़ी छिपे हैं जो अब तक पुलिस की पहुंच से दूर हैं। बहरहाल, जमानत मिलने के बावजूद छतरपुर पुलिस का कहना है कि इन सभी आरोपियों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जाएगी, क्योंकि मामले की विस्तृत विवेचना और कानूनी जांच अभी भी पूरी तरह से जारी है।


