एसपी ऑफिस के सामने 'रफ्तार' का कहर, ब्रेकर न होने से जान जोखिम में

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छतरपुर | निज प्रतिनिधि सागर नेशनल हाईवे पर स्थित जिला पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय के सामने की सड़क अब राहगीरों के लिए 'डेंजर जोन' बनती जा रही है। मार्ग पर स्पीड ब्रेकर न होने के कारण वाहन चालक बेखौफ होकर तेज रफ्तार में गाड़ियां दौड़ा रहे हैं, जिससे आए दिन हादसे हो रहे हैं। आलम यह है कि पुलिस मुख्यालय होने के बावजूद यहां फरियादी और कर्मचारी सड़क पार करने में खौफ खा रहे हैं।
बेकाबू रफ्तार से सहमे फरियादी और राहगीर
नेशनल हाईवे होने के कारण इस मार्ग पर भारी और मध्यम वाहनों का दबाव चौबीसों घंटे रहता है। एसपी कार्यालय में प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में फरियादी, बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे अपनी समस्याएं लेकर आते हैं। सड़क पर कोई अवरोधक (ब्रेकर) न होने से वाहन अपनी अधिकतम गति में होते हैं, जिससे सड़क पार करना किसी खतरे से कम नहीं है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस लापरवाही के कारण कई लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप
क्षेत्रवासियों और प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि सड़क सुरक्षा के नियमों को ताक पर रखकर यहां न तो कोई चेतावनी संकेतक (Signage) लगाए गए हैं और न ही वाहनों की गति नियंत्रित करने के उपाय किए गए हैं। लोगों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासन शायद किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है।
जिला कलेक्टर से मांग: जल्द बने ब्रेकर
समस्या की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्रवासियों ने जिला कलेक्टर से गुहार लगाई है कि जनहित में एसपी ऑफिस के सामने तत्काल ऊंचे और स्पष्ट दिखाई देने वाले ब्रेकर बनवाए जाएं। नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हुए, तो भविष्य में कोई बड़ी जनहानि हो सकती है।
