जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर से कांग्रेस पार्टी के लिए दुखद खबर सामने आई है। कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री, पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं सिहोरा विधानसभा सीट से प्रत्याशी रह चुकीं जमुना मरावी का शुक्रवार को निधन हो गया। उनके निधन से राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। परिजनों के अनुसार उनका अंतिम संस्कार 28 मार्च को सुबह 11 बजे कुंडम के सुपवारा स्थित टिकरिया गांव में किया जाएगा। हालांकि उनकी मृत्यु का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है।


जमुना मरावी ने कांग्रेस संगठन में ग्रामीण महिला अध्यक्ष के रूप में भी अहम भूमिका निभाई थी। वे क्षेत्र में एक सक्रिय, जमीनी और कर्तव्यनिष्ठ जनप्रतिनिधि के रूप में जानी जाती थीं। विशेष रूप से आदिवासी समाज में उनकी मजबूत पकड़ थी। अपने सार्वजनिक जीवन में उन्होंने ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और जनहित से जुड़े मुद्दों पर उल्लेखनीय कार्य किया, जिससे उन्हें व्यापक सम्मान और लोकप्रियता हासिल हुई।


राजनीतिक सफर की बात करें तो वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें सिहोरा सीट से प्रत्याशी बनाया था। इस चुनाव में उनका मुकाबला भाजपा प्रत्याशी एवं तत्कालीन विधायक नंदनी मरावी से हुआ था। हालांकि इस चुनाव में नंदनी मरावी ने 63,931 वोट हासिल कर जीत दर्ज की, जबकि जमुना मरावी 48,927 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहीं और उन्हें 15,004 वोटों से हार का सामना करना पड़ा।


उल्लेखनीय है कि इस वर्ष मध्य प्रदेश कांग्रेस को लगातार झटके लगे हैं। साल की शुरुआत में ग्वालियर के वरिष्ठ नेता प्रेमप्रकाश शर्मा का बीमारी के चलते निधन हो गया था। वहीं इसके कुछ समय बाद पूर्व मंत्री तेजीलाल सरेयाम का भी निधन हो गया, जो आदिवासी समाज के प्रमुख नेता और कमलनाथ के करीबी माने जाते थे। जमुना मरावी के निधन से कांग्रेस को एक और बड़ा झटका लगा है।