दिल्ली/भोपाल। मध्य प्रदेश की विजयपुर विधानसभा सीट से जुड़े विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को अहम फैसला सुनाते हुए कांग्रेस नेता मुकेश मल्होत्रा की विधायकी बरकरार रखी है। कोर्ट ने एमपी हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच के उस आदेश को खारिज कर दिया, जिसमें भाजपा नेता रामनिवास रावत को विधायक घोषित किया गया था।
सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने मल्होत्रा की ओर से पैरवी की। जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की डबल बेंच ने अंतरिम राहत देते हुए कहा कि अंतिम निर्णय तक मल्होत्रा विधायक बने रहेंगे, लेकिन उन पर कुछ शर्तें लागू रहेंगी।
कोर्ट के निर्देश अनुसार मुकेश मल्होत्रा राज्यसभा चुनाव में मतदान नहीं कर सकेंगे और उन्हें विधायक के रूप में मिलने वाला वेतन व भत्ते भी फिलहाल नहीं मिलेंगे। हालांकि विधायक निधि को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। मामले की अगली सुनवाई 23 जुलाई को निर्धारित की गई है।
गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने क्रिमिनल केस छिपाने के आरोप में मल्होत्रा का चुनाव शून्य घोषित कर दिया था। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। वहीं, विजयपुर सीट पर आदिवासी वोट बैंक को देखते हुए यह मामला राजनीतिक रूप से भी काफी महत्वपूर्ण बना हुआ है।

