प्रयागराज। आईजीआरएस शिकायतों के मनमाने तरीके से निस्तारण पर प्रयागराज के जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने सख्त कार्रवाई की है। समीक्षा के दौरान सामने आया कि कई शिकायतों का निस्तारण शिकायतकर्ताओं से बात किए बिना ही कर दिया गया। इस पर डीएम ने बिजली विभाग के 11 अधिशासी अभियंताओं का अगस्त माह का वेतन रोकते हुए तीन दिन में स्पष्टीकरण तलब किया है।
जिन अधिकारियों का वेतन रोका गया है, उनमें विद्युत वितरण खंड-प्रथम, द्वितीय, करैलाबाग, टैगोर टाउन, नैनी, बमरौली, म्योहाल, रामबाग, फाफामऊ, मेजा और हंडिया के एक्सईएन शामिल हैं। डीएम ने अन्य मामलों में समाज कल्याण विभाग, पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड, कृषि विभाग और जल निगम के संबंधित अधिकारियों से भी स्पष्टीकरण मांगा है।
डीएम ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट के संगम सभागार में आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा की। समीक्षा में बिजली विभाग, समाज कल्याण, पीडब्ल्यूडी, जल निगम और कृषि विभाग से जुड़ी शिकायतों में असंतुष्ट फीडबैक के मामले अधिक पाए गए। डीएम ने अधिकारियों को शिकायतों का मौके पर सत्यापन और शिकायतकर्ताओं से संवाद के बाद ही निस्तारण करने के निर्देश दिए।
स्कूल निरीक्षण में बच्चों से संवाद के निर्देश
डीएम ने विद्यालयों की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी नोडल अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों के स्कूलों का नियमित निरीक्षण करने और कमियों को दूर कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान बच्चों से जरूर संवाद करें, उनकी समस्याएं सुनें और उन्हें प्रोत्साहित करें। बैठक में सीडीओ हर्षिका सिंह सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।




