Sunday, January 18, 2026

LOGO

BREAKING NEWS
विदेशअमेरिका और यूरोप के बीच बढ़ते मतभेदों से रुस और चीन कर रहे मौज

अमेरिका और यूरोप के बीच बढ़ते मतभेदों से रुस और चीन कर रहे मौज

Post Media
News Logo
Peptech Time
18 जनवरी 2026, 09:23 am IST
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter/XOpen Instagram
Copy Link

Advertisement

यूरोपीय संघ की शीर्ष राजनयिक और यूरोपीय आयोग की उपाध्यक्ष काजा कैलास ने अमेरिका और यूरोप के बीच बढ़ते मतभेदों को लेकर कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि सहयोगी देशों के बीच फूट का सबसे ज्यादा फायदा चीन और रूस को हो रहा है। काजा कैलास ने एक्स पर पोस्ट किया और लिखा कि मौजूदा हालात में चीन और रूस मौज कर रहे होंगे, क्योंकि सहयोगी देशों के बीच आपसी मतभेद उनके हित में जा रहे हैं।


मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ईयू की विदेश नीति प्रमुख काजा कैलास ने कहा कि चीन और रूस इस वक्त खूब फायदा उठा रहे होंगे। सहयोगी देशों के बीच फूट का सबसे ज्यादा लाभ इन्हीं को मिलता है। उन्होंने इशारों-इशारों में कहा कि पश्चिमी देशों की एकजुटता कमजोर हुई तो इसका सीधा फायदा उन ताकतों को मिलेगा, जो वैश्विक व्यवस्था को चुनौती दे रही हैं। काजा कैलास ने ग्रीनलैंड की सुरक्षा को लेकर चल रही बहस पर भी बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर ग्रीनलैंड की सुरक्षा को कोई खतरा है तो इसे नाटो के अंदर रहकर ही सुलझाया जा सकता है। उनका कहना था कि अलग-अलग मंचों पर बयानबाजी करने या विवाद बढ़ाने की बजाय नाटज्ञे फ्रेमवर्क में समाधान तलाशना चाहिए।


कैलास ने टैरिफ वॉर को लेकर भी अमेरिका को इशारों में आगाह किया। उन्होंने कहा कि टैरिफ लगाने से यूरोप और अमेरिका दोनों गरीब होंगे, इससे साझा समृद्धि कमजोर पड़ेगी और ट्रांस-अटलांटिक रिश्तों में दरार और बढ़ेगी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि व्यापारिक टकराव सहयोगी देशों की आर्थिक ताकत को ही कमजोर करता है, जिसका फायदा विरोधी शक्तियां उठाती हैं। काजा कैलास ने सबसे अहम बात यूक्रेन युद्ध को लेकर कही। उन्होंने कहा कि यूरोप और अमेरिका के बीच किसी भी तरह का विवाद रूस के खिलाफ चल रही रणनीतिक लड़ाई से ध्यान नहीं भटकाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमारा मुख्य लक्ष्य रूस के यूक्रेन पर युद्ध को खत्म कराने में मदद करना है और आपसी मतभेद इस लक्ष्य में बाधा नहीं बनने चाहिए।


बता दें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड मुद्दे पर यूरोप के कई सहयोगी देशों पर सीधे आर्थिक हमला कर दिया। ट्रंप ने डेनमार्क, फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन समेत कई यूरोपीय देशों पर 10फीसदी टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया है, जो आगे चलकर 25फीसदी तक बढ़ाने की धमकी से जुड़ा है। ट्रंप ग्रीनलैंड को लेकर राष्ट्रीय और वैश्विक सुरक्षा का तर्क दे रहे हैं और साफ कह चुके हैं कि अगर डील नहीं हुई तो टैरिफ जारी रहेंगे। इससे अमेरिका-यूरोप रिश्तों में दरार, नाटो सहयोगियों में तनाव और पश्चिमी एकजुटता कमजोर होने का खतरा पैदा हो गया है। यही वजह है कि ईयू नेतृत्व एंटोनियो कोस्टा ने अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त ईयू जवाब की बात की।

Today In JP Cinema, Chhatarpur (M.P.)