प्रधानमंत्री मोदी ने 'परीक्षा पे चर्चा' में छात्रों को दिया सफलता का मंत्र: शिक्षक से एक कदम आगे चलें

Advertisement
भोपाल — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 'परीक्षा पे चर्चा' (Pariksha Pe Charcha - PPC) के 9वें संस्करण में देशभर के छात्रों से सीधे संवाद किया। इस कार्यक्रम में परीक्षा के दौरान तनाव मुक्त रहने, सीखने पर फोकस करने और पढ़ाई को रोचक बनाने के महत्वपूर्ण टिप्स दिए गए।
जबलपुर के छात्र आयुष तिवारी ने प्रधानमंत्री से एक व्यावहारिक सवाल पूछा। आयुष ने कहा, "कई बार हम स्कूल या टीचर की स्पीड से मैच नहीं कर पाते। जो पढ़ाई छूट जाती है, उसे पूरा करने के चक्कर में आगे के चैप्टर समझ नहीं पाते और पीछे रह जाते हैं। ऐसी स्थिति में हमें कैसे मैनेज करना चाहिए?"
प्रधानमंत्री ने पहले पूछा कि क्या यह शिकायत टीचर के खिलाफ है, जिस पर आयुष ने नकारात्मक जवाब दिया। फिर पीएम मोदी ने कहा कि शिक्षक की गति हमेशा विद्यार्थी से सिर्फ एक कदम आगे होनी चाहिए, बहुत ज्यादा नहीं।
उन्होंने किसान का उदाहरण देकर समझाया, "जैसे किसान पहले खेत जोतता है, उसी तरह शिक्षक को पहले विद्यार्थी के मन को तैयार करना चाहिए। अगर शिक्षक पहले ही बता दे कि आने वाले हफ्तों में कौन-कौन से पाठ पढ़ाए जाएंगे और विद्यार्थियों से कहे कि वे पहले से थोड़ा पढ़कर आएं, गूगल पर देखें, सवाल लेकर आएं, तो कक्षा में जिज्ञासा अपने आप पैदा हो जाती है।"
आयुष और अन्य छात्रों ने सहमति जताई कि पहले से पढ़ने पर कक्षा में समझ बेहतर होती है, फोकस बढ़ता है और विषय में रुचि बनती है। एक छात्रा मानसी ने कहा कि जब अध्याय रोचक लगता है तो उसे गहराई से जानने की इच्छा होती है, जिससे रिवीजन भी अपने आप हो जाता है।
प्रधानमंत्री ने अपनी पुस्तक ‘एग्जाम वारियर’ का जिक्र करते हुए कहा कि लक्ष्य ऐसा होना चाहिए जो पहुंच में हो, लेकिन बहुत आसानी से हासिल न हो। "अगर विद्यार्थी शिक्षक से एक कदम आगे चलना शुरू कर दें, तो कभी पीछे छूटने का भाव नहीं आएगा। मन को पहले तैयार करो, फिर उसमें पढ़ाई के विषय जोड़ो, सफलता अपने आप आएगी।"
चर्चा के अंत में आयुष ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री से आमने-सामने बैठकर सवाल पूछना और जवाब पाना उसके लिए यादगार अनुभव रहा। इस बातचीत से उसे पढ़ाई को नए नजरिए से देखने का मौका मिला और अब वह शिक्षक से पीछे नहीं, बल्कि एक कदम आगे चलने की कोशिश करेगा।
मध्य प्रदेश में सभी सरकारी, प्राइवेट और अनुदान प्राप्त विद्यालयों में इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया गया। राज्य स्तरीय कार्यक्रम राजधानी भोपाल के शासकीय सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय में आयोजित हुआ, जहां विद्यार्थी, अभिभावक, वरिष्ठ अधिकारी और विशिष्ट जनों ने सजीव प्रसारण में भाग लिया। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह नरसिंहपुर जिले के चावरपाठा विकासखंड स्थित ग्राम तेंदूखेड़ा के शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों के साथ शामिल हुए।
प्रदेश में 'परीक्षा पे चर्चा' के लिए 1 दिसंबर 2025 से 11 जनवरी 2026 तक ऑनलाइन पंजीयन हुआ, जिसमें कक्षा 6वीं से 12वीं तक के 22 लाख 95 हजार से अधिक विद्यार्थी, 1 लाख 28 हजार से अधिक शिक्षक और 17 हजार से ज्यादा अभिभावक सहित कुल 24 लाख 41 हजार 390 लोगों ने भाग लिया।
