शहर में होली से पहले सियासी रंग, पेड इवेंट्स पर छिड़ा विवाद

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छिदवाड़ा, रविकांत वर्मा । होली के रंग बिखरने से पहले ही शहर की सियासत रंगीन हो गई है। होली के नाम पर हो रहे पेड इवेंट्स और होटल पार्टियों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कुछ हिंदू संगठनों ने ऐसे आयोजनों पर रोक लगाने की मांग की है। वहीं, कांग्रेस ने इन आपत्तियों को सियासी ड्रामा करार देते हुए होली को आपसी भाईचारे का त्योहार बताया है।
हिंदू संगठनों का कहना है कि शहर के अलग-अलग होटलों और रिसॉर्ट्स में होली के नाम पर आयोजित पेड इवेंट्स और डीजे पार्टियां हिंदू पर्व की परंपरा और संस्कृति के खिलाफ हैं। संगठनों का आरोप है कि इन आयोजनों में शराब, डीजे और अश्लीलता को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे होली के मूल स्वरूप से खिलवाड़ हो रहा है।
विश्व हिन्दू परिषद् के प्रांत पदाधिकारी संतोष शर्मा ने कहा कि हिंदू त्योहारों को व्यावसायिक इवेंट बनाना गलत है और इस पर प्रशासन को सख्त कदम उठाने चाहिए।
इस मुद्दे पर राजनीति भी तेज हो गई है। कांग्रेस ने हिंदू संगठनों की मांग को समाज को बांटने की कोशिश बताया है। कांग्रेस का कहना है कि होली प्रेम, सौहार्द और एकता का पर्व है, इसे किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं किया जा सकता।
कांग्रेस प्रवक्ता नीलाभ शुक्ला ने कहा कि होली सभी समुदायों का त्योहार है और इस तरह की आपत्तियां सामाजिक सौहार्द के खिलाफ हैं।
उल्लेखनीय है कि शहर में हर साल बड़े पैमाने पर होली इवेंट्स आयोजित होते हैं, जिनसे होटल और इवेंट इंडस्ट्री को लाखों रुपये का कारोबार होता है। यदि प्रतिबंध की मांग पर प्रशासन कोई कदम उठाता है, तो इसका सीधा असर कारोबार पर पड़ सकता है। फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और शांति व कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील कर रहा है
