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मध्य प्रदेशपद्म अवॉर्ड्स 2026 का ऐलान आज: MP के भगवान दास रैकवार, राजस्थान के गफरुद्दीन मेवाती समेत 45 हस्तियों को मिलेगा पद्मश्री

पद्म अवॉर्ड्स 2026 का ऐलान आज: MP के भगवान दास रैकवार, राजस्थान के गफरुद्दीन मेवाती समेत 45 हस्तियों को मिलेगा पद्मश्री

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25 जनवरी 2026, 12:30 pm IST
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नई दिल्ली। साल 2026 के पद्म अवॉर्ड्स का ऐलान आज किया जाएगा। समाचार एजेंसी PTI ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि इस वर्ष कुल 45 लोगों को पद्मश्री सम्मान से नवाजा जाएगा। सूची में मध्य प्रदेश के भगवान दास रैकवार, राजस्थान के गफरुद्दीन मेवाती और जम्मू-कश्मीर के ब्रिज लाल भट को “गुमनाम नायकों” की श्रेणी में शामिल किया गया है।


इनके अलावा उत्तर प्रदेश के चिरंजी लाल यादव, गुजरात के धार्मिकलाल चुन्नीलाल पंड्या, छत्तीसगढ़ की बुधरी ताती, ओडिशा के चरण हेम्ब्रम, कर्नाटक के अंके गौड़ा और महाराष्ट्र की अरमिडा फर्नांडिस को भी उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया जाएगा। ये सभी ऐसे लोग हैं, जिन्होंने बिना किसी बड़े मंच या प्रचार के समाज में असाधारण कार्य किए हैं।


पांडुन का कड़ा के एकमात्र गायक हैं गफरुद्दीन मेवाती
राजस्थान के डीग जिले के निवासी गफरुद्दीन मेवाती जोगी भपंग वादक और ‘पांडुन का कड़ा’ के एकमात्र लोक गायक हैं। वे इस दुर्लभ लोक परंपरा के अंतिम जीवित प्रतिनिधि माने जाते हैं। गफरुद्दीन को 2024 में संगीत नाटक अकादमी फैलोशिप से भी सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने देश और विदेश में कई मंचों पर भपंग वादन और पांडुन का कड़ा की प्रस्तुतियां दी हैं और उन्हें इसके 2500 से अधिक दोहे कंठस्थ हैं।


घर बेचकर बनाई 20 लाख किताबों की लाइब्रेरी
कर्नाटक के मैसूर के पास हरालाहल्ली गांव के रहने वाले अंके गौड़ा को साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में पद्मश्री 2026 से सम्मानित किया जाएगा। गौड़ा ने महज 20 साल की उम्र में बस कंडक्टर की नौकरी करते हुए किताबें इकट्ठा करना शुरू किया था। अपनी आय का बड़ा हिस्सा उन्होंने पुस्तकों पर खर्च किया, यहां तक कि किताबों के लिए अपना घर भी बेच दिया। आज उनकी ‘पुस्तक माने’ लाइब्रेरी में 20 लाख से अधिक दुर्लभ पुस्तकें मौजूद हैं।


रिटायर IPS अफसर, जो खुद करते हैं सड़क की सफाई
पंजाब के 88 वर्षीय पूर्व डीआईजी इंद्रजीत सिंह सिद्धू भी पद्मश्री सम्मान पाने वालों में शामिल हैं। वे 1964 बैच के IPS अधिकारी रहे हैं और 1996 में सेवानिवृत्त हुए थे। चंडीगढ़ के सेक्टर-49 में रहने वाले सिद्धू पिछले 10 वर्षों से रोजाना सुबह 6 बजे सैनिटेशन कार्ट उधार लेकर सड़कों की सफाई करते हैं। उनका यह कार्य समाज को स्वच्छता और जिम्मेदारी का संदेश देता है।


पद्म अवॉर्ड्स 2026 की यह सूची उन लोगों को सम्मान देने की मिसाल है, जिन्होंने निस्वार्थ भाव से समाज, संस्कृति, शिक्षा और स्वच्छता के क्षेत्र में असाधारण योगदान दिया है, भले ही वे लंबे समय तक सुर्खियों से दूर रहे हों।

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