दूषित पानी और शिक्षा घोटालों को लेकर सागर में एनएसयूआई का जोरदार प्रदर्शन

Advertisement
सागर — मध्य प्रदेश के सागर जिले में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने दूषित पेयजल संकट और शिक्षा क्षेत्र में कथित घोटालों के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन सिविल लाइन स्थित कालीचरण चौराहे पर आयोजित किया गया, जहां कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उनके पुतले को दहन करने का प्रयास किया।
प्रदर्शन का नेतृत्व एनएसयूआई सागर जिला अध्यक्ष अक्षत कोठारी ने किया। उन्होंने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश सरकार की लापरवाही के कारण इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से कई लोगों की मौत हो गई। इस घटना में दर्जनों मौतें हुईं और सैकड़ों लोग अस्पताल में भर्ती हुए, लेकिन सरकार अभी तक संवेदनशीलता नहीं दिखा रही है। कोठारी ने आरोप लगाया कि प्रदेश के कई हिस्सों में आम जनता दूषित पानी पीने को मजबूर है, जिससे गंभीर बीमारियां फैल रही हैं।
उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में लगातार हो रहे घोटालों को छात्रों और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करार दिया। एनएसयूआई नेतृत्व ने चेतावनी दी कि इन मुद्दों पर चुप नहीं बैठा जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान पुतला दहन के प्रयास में स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस ने पुतला छीनने की कोशिश की, जिससे एनएसयूआई कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हल्की झड़प हुई। हालात नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया, लेकिन प्रदर्शनकारी इसके बावजूद भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी जारी रखे रहे।
एनएसयूआई नेताओं ने मांग की कि सरकार दूषित पेयजल संकट का तत्काल समाधान करे, इंदौर में हुई मौतों की निष्पक्ष जांच कराए, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करे और पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा प्रदान करे।
प्रदर्शन के कारण इलाके में कुछ देर अफरा-तफरी का माहौल रहा, हालांकि बाद में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में आ गई। यह प्रदर्शन राज्य में दूषित पानी और शिक्षा संबंधी मुद्दों पर बढ़ते असंतोष को दर्शाता है।
