नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन (नितिन नबीन) आज सोमवार को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल करेंगे। दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में दोपहर 2 बजे से 4 बजे के बीच यह प्रक्रिया पूरी होगी। सूत्रों और पार्टी नेताओं के अनुसार, उनके निर्विरोध चुने जाने की संभावना लगभग तय है, जिससे वे भाजपा के इतिहास में सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष (45 वर्ष की उम्र में) बन जाएंगे।
चुनाव प्रक्रिया का शेड्यूल
भाजपा के राष्ट्रीय रिटर्निंग ऑफिसर के. लक्ष्मण द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार:
19 जनवरी (आज): नामांकन पत्र जमा करने का समय - दोपहर 2 से 4 बजे तक।
नामांकन की जांच - शाम 4 से 5 बजे तक।
नाम वापसी का समय - शाम 5 से 6 बजे तक।
यदि केवल एक नामांकन वैध रहता है, तो उसी दिन या 20 जनवरी को निर्विरोध घोषणा हो जाएगी।
मतदान (यदि आवश्यक) और अंतिम घोषणा - 20 जनवरी को।
यह चुनाव राष्ट्रीय परिषद द्वारा किया जाएगा, जिसमें लगभग 5,708 सदस्य (राष्ट्रीय परिषद सदस्य, राज्य परिषद सदस्य आदि) शामिल हैं। लेकिन निर्विरोध होने की स्थिति में कोई मतदान नहीं होगा। इस दौरान पार्टी के लगभग सभी मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष, वरिष्ठ नेता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह जैसे दिग्गज मौजूद रहेंगे।
नितिन नवीन का राजनीतिक सफर
23 मई 1980 को जन्मे नितिन नवीन (पिता: दिवंगत भाजपा नेता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा) ने युवावस्था से ही राजनीति में कदम रखा। पटना में पिता के लिए कार्यकर्ता के रूप में शुरुआत करने के बाद उन्होंने संगठन और सरकार दोनों में मजबूत पहचान बनाई।
2006 में पटना पश्चिम से पहली बार विधायक बने, जिसने शहरी और मध्यम वर्ग में भाजपा की पकड़ मजबूत की।
बाद में बांकीपुर विधानसभा से लगातार जीत दर्ज की और 2025 तक पांचवीं बार विधायक बने।
छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में प्रभारी के रूप में अहम भूमिका निभाई, जहां कांग्रेस के गढ़ में भाजपा को जीत दिलाने में उनकी सांगठनिक रणनीति (बूथ स्तर पर मजबूती, मोहल्ला मीटिंग्स, व्यक्तिगत संपर्क) कारगर साबित हुई।
दिसंबर 2025 में कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बने, जब अमित शाह और जेपी नड्डा ने उन्हें कुर्सी पर बैठाया।
नड्डा का कार्यकाल 2024 में खत्म हुआ था, लेकिन एक्सटेंशन पर वे जारी रहे। वर्तमान में वे केंद्र में स्वास्थ्य मंत्री हैं।
सबसे युवा अध्यक्ष और युवा टीम की उम्मीद
अमित शाह जब अध्यक्ष बने थे, तब 50 वर्ष के थे। नितिन नवीन इससे 5 साल छोटे होंगे। उनकी नियुक्ति से भाजपा में 80% युवाओं को प्रमुख पदों (महामंत्री, मंत्री आदि) पर लाने का रास्ता साफ हो गया है। नई टीम बनने में 6 महीने लग सकते हैं, लेकिन अगले साल होने वाले 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर यह टीम तैयार की जाएगी।
पिछले 6 महीनों में तीन प्रदेश अध्यक्ष (मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, झारखंड) भी निर्विरोध चुने गए हैं, जो पार्टी में एकरूपता और सहमति की परंपरा को दर्शाता है।
नितिन नवीन की अगुवाई में भाजपा बंगाल, पूर्वोत्तर और अन्य चुनौतीपूर्ण राज्यों में मजबूत नेटवर्क बनाने पर फोकस करेगी। यह बदलाव पार्टी में युवा ऊर्जा और नई रणनीति का संकेत है।

