देहरादून। उत्तराखंड के हरिद्वार और ऋषिकेश में गंगा घाटों पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश को लेकर चल रहे विवाद के बीच उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष हाजी शादाब शम्स का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिन मुसलमानों की आस्था गंगा और कुंभ में नहीं है, उन्हें वहां जाने से बचना चाहिए। यह बयान ऐसे समय में आया है जब कई संतों और स्थानीय संगठनों द्वारा कुंभ क्षेत्र व गंगा घाटों पर गैर-हिंदुओं की नो एंट्री की मांग की जा रही है और हरिद्वार में दुकानदारों के पहचान पत्र जांचने के मामले भी सामने आए हैं।
भाजपा प्रदेश कार्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए शम्स ने सरकार और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के रुख का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि भारत के खिलाफ लगातार साजिशें रची जा रही हैं और ऐसे बड़े धार्मिक आयोजनों में कुछ तत्व नकारात्मक हरकतें कर सकते हैं। शम्स के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियों से भी इस संबंध में महत्वपूर्ण इनपुट मिले हैं। उन्होंने सुरक्षा के लिहाज से पहचान पत्र की जांच और सत्यापन प्रक्रिया को सही ठहराया। शादाब शम्स ने सुरक्षा और सांप्रदायिक सद्भाव पर जोर देते हुए कहा, यदि कोई मुस्लिम व्यक्ति, जिसकी गंगा या कुंभ में आस्था नहीं है, वहां जाता है और किसी कारणवश कोई अनहोनी हो जाती है, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इससे देश में गलत भावनाएं फैल सकती हैं और दंगों की स्थिति बन सकती है, जिसे हर हाल में टाला जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि जिनकी सच्ची आस्था है, उनका हमेशा स्वागत है, क्योंकि हम अतिथि देवो भव: के सिद्धांत में विश्वास रखते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि जो लोग आस्था नहीं रखते, उन्हें बेवजह विवाद पैदा करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। वक्फ बोर्ड अध्यक्ष ने इस संवेदनशील मुद्दे पर मुख्यमंत्री के निर्णयों का स्वागत करते हुए शांति बनाए रखने की अपील की है।

