कॉलेज और कोचिंग संस्थानों में बनेंगे मानसिक स्वास्थ्य केंद्र, कलेक्टर ने दिए स्पष्ट निर्देश

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सागर, जीशान खान। विद्यार्थियों में बढ़ती मानसिक चुनौतियों और आत्महत्या की प्रवृत्ति की रोकथाम के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप जिले में ठोस और व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर गठित जिला स्तरीय टास्क फोर्स (डीटीएफ) की समीक्षा बैठक कलेक्टर संदीप जी आर की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
बैठक में जिले की सभी शिक्षण संस्थाओं और कोचिंग संस्थानों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदारी निभाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने जिले की समस्त शिक्षण संस्थाओं एवं कोचिंग इंस्टीट्यूट्स को जिला स्तरीय टास्क फोर्स में शीघ्र पंजीकरण कराने तथा अपने परिसरों में मानसिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित करने के आदेश दिए।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी भविष्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है, इसलिए काउंसलर्स और मेंटर्स को सक्रिय भूमिका निभानी होगी। बैठक में डीटीएफ की सचिव एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय शासकीय कला एवं वाणिज्य अग्रणी महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता ने पीपीटी के माध्यम से सागर जिले के विभिन्न महाविद्यालयों में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर किए जा रहे प्रयासों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।
उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी गाइडलाइंस के पालन में AISHE के अंतर्गत सभी शिक्षण संस्थानों के हितधारकों जिनमें विद्यार्थी, फैकल्टी मेंबर्स, अभिभावक, मानसिक स्वास्थ्य प्रदाता एवं आम नागरिक शामिल हैं ने राष्ट्रीय टास्क फोर्स (एनटीएफ) द्वारा तैयार पोर्टल पर सर्वे में भाग लिया है। डॉ. गुप्ता ने बताया कि अग्रणी महाविद्यालय द्वारा सागर जिले के महाविद्यालयों के फैकल्टी मेंबर्स के लिए मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता पर उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं।
इसके साथ ही छात्रों को तनाव, अवसाद, चिंता जैसी मानसिक समस्याओं के प्रति जागरूक करने हेतु विभिन्न कार्यक्रम संचालित किए गए। अन्य महाविद्यालयों में भी छात्रों की मानसिक समस्याओं के समाधान के लिए हेल्पलाइन नंबरों का प्रदर्शन, आंतरिक शिकायत समिति की स्थापना तथा काउंसलर्स की नियुक्ति की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है।
कलेक्टर संदीप जी आर ने बैठक में निर्देश दिए कि जिले की सभी शिक्षण संस्थाओं में मानसिक स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं आत्महत्या रोकथाम से जुड़े उपायों को गाइडलाइंस के अनुसार प्रभावी रूप से लागू किया जाए। उन्होंने छात्रों की मानसिक समस्याओं से संबंधित शिकायतें प्राप्त करने के लिए प्रत्येक संस्था में शिकायत पेटी अनिवार्य रूप से रखने तथा आगामी परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए काउंसलिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
बैठक में जिला स्तरीय टास्क फोर्स के सदस्य जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद जैन, इंदिरा गांधी इंजीनियरिंग कॉलेज सागर के डॉ. मनीष कुमार सोनी, बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर से डॉ. संजय प्रसाद, पुलिस विभाग से श्री संदीप तिवारी एवं छवि अग्रवाल, सामाजिक न्याय विभाग से श्री आदर्श शेलार, उच्च शिक्षा विभाग की जिला नोडल अधिकारी रेणु सोलंकी, डॉ. सुनील साहू सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
