पिंजरा पहुंचने से पहले तेंदुआ हुआ रफू-चक्कर, ग्रामीणों में आक्रोश और दहशत

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कटनी । जिले के बहोरीबंद वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत राखी में एक तेंदुए के गांव में घुसने की घटना ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया। कई दिनों से गांव के आसपास तेंदुए की मौजूदगी की खबरें आ रही थीं, जिससे ग्रामीण दहशत में जी रहे थे। आखिरकार जब तेंदुआ गांव के अंदर दो दीवारों के बीच संकरे रास्ते में फंस गया, तो ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग और पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही स्लीमनाबाद एसडीओपी आकांक्षा चतुर्वेदी, बहोरीबंद वन परिक्षेत्र अधिकारी देवेश गौतम, दो थानों की पुलिस फोर्स, वन विभाग का बल और राजस्व अधिकारी सहित लगभग आधा सैकड़ा कर्मचारी मौके पर पहुंचे। जानकारी मिलते ही कटनी के डीएफओ गर्वित गंगवार भी घटनास्थल पर पहुंच गए और रेस्क्यू ऑपरेशन की कमान संभाली। जबलपुर से वेटनरी डॉक्टरों की टीम भी बुलाई गई।
ग्रामीण बड़ी संख्या में जमा हो गए थे। रेस्क्यू के दौरान एक ग्रामीण संतोष हल्दकार तेंदुए को करीब से देखने के चक्कर में उसके पंजे की चपेट में आ गया और घायल हो गया। उसे तत्काल जिला अस्पताल में बेहतर इलाज के लिए भेजा गया, जहां उसकी स्थिति सामान्य बताई जा रही है।
पिंजरे के देर से पहुंचने पर भड़का आक्रोश
तेंदुआ शाम 6 बजे से फंसा हुआ था, लेकिन रेस्क्यू के लिए आवश्यक पिंजरा देर रात पहुंचा। ग्रामीणों में इस देरी को लेकर काफी आक्रोश दिखा। जैसे ही पिंजरा मौके पर पहुंचा और ऑपरेशन शुरू होने वाला था, उच्च अधिकारियों ने मकान की छत से जांच की तो पता चला कि तेंदुआ पहले ही रफू-चक्कर हो चुका था। वह फंसने की जगह से किसी तरह निकलकर भाग चुका था।
प्रशासन और ग्रामीणों में बनी दहशत
घटना शाम 6 बजे से रात 1 बजे तक चली, जिस दौरान पूरा प्रशासन मौके पर डटा रहा। डीएफओ गर्वित गंगवार, एसडीओपी आकांक्षा चतुर्वेदी, थाना प्रभारी सुदेश सुमन, अखलेश दाहिया, नायब तहसीलदार राजकुमार नामदेव, डिप्टी रेंजर चंद्रशेखर नामदेव, महंत सिंह परिहार, सुयोग्य उपाध्याय, आकाश जागते, अजय मरकाम, आलोक उसरेठे सहित बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
इस घटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुआ कहीं भी फिर से हमला कर सकता है। वन विभाग ने इलाके में सतर्कता बढ़ा दी है और तेंदुए की तलाश जारी है।
