हर कहानी में पुरुष की जीत दिखाना जरूरी नहीं होता

Advertisement
मुंबई| हाल ही में अभिनेता इमरान हाशमी ने न सिर्फ अपनी फिल्म ‘हक’ को लेकर बात की, बल्कि बॉलीवुड इंडस्ट्री में मेल एक्टर्स की सोच, उनकी असुरक्षा और मौजूदा फिल्मों के ट्रेंड पर भी खुलकर राय रखी। एक इंटरव्यू के दौरान इमरान हाशमी ने कहा कि हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में ज्यादातर मेल एक्टर्स खुद को हर कहानी में हीरो के तौर पर देखना चाहते हैं।
उनके मुताबिक, कई अभिनेता ऐसी फिल्मों से दूरी बना लेते हैं, जिनमें पुरुष किरदार को कमजोर, ग्रे या हारने वाला दिखाया गया हो। इमरान ने इसे मेल एक्टर्स की इनसिक्योरिटी बताया और कहा कि हर कहानी में पुरुष की जीत दिखाना जरूरी नहीं होता। उन्होंने माना कि इंडस्ट्री में इस सोच से बाहर निकलने की जरूरत है, ताकि कंटेंट ज्यादा ईमानदार और विविध हो सके। इसी बातचीत में इमरान ने रणबीर कपूर की फिल्म ‘एनिमल’ की सफलता पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि आज के दौर में हाइपर-मर्दाना और टॉक्सिक माने जाने वाले मेल करैक्टर्स को भी दर्शकों का एक बड़ा वर्ग पसंद कर रहा है। भले ही सोशल मीडिया और कुछ तबकों में ऐसी फिल्मों की आलोचना होती हो, लेकिन सच्चाई यह है कि लोग टिकट खरीद रहे हैं। इमरान के मुताबिक, ‘एनिमल’ के खिलाफ काफी नकारात्मक माहौल था, इसके बावजूद फिल्म बॉक्स ऑफिस पर चली क्योंकि बहुत से दर्शक उस किरदार से खुद को जोड़ पाए। मेल एक्टर्स की असुरक्षा पर बात करते हुए इमरान ने कहा कि बहुत कम अभिनेता ‘हक’ जैसी फिल्में करने का साहस दिखाते हैं। उन्होंने अपनी पुरानी फिल्म ‘द डर्टी पिक्चर’ का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने वह फिल्म इसलिए की क्योंकि उन्हें उसका विषय पसंद आया था, न कि इसलिए कि उसमें उनका किरदार कितना हीरोइक है।
इमरान का मानना है कि कलाकारों को अपनी असुरक्षाओं से बाहर निकलकर ऐसे विषयों पर काम करना चाहिए, जो समाज को सोचने पर मजबूर करें। फिल्म ‘हक’ की बात करें तो यह शाह बानो केस से प्रेरित है, जो मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों से जुड़ा एक ऐतिहासिक मामला रहा है। बता दें कि बॉलीवुड अभिनेता इमरान हाशमी इन दिनों अपनी फिल्म ‘हक’ को लेकर चर्चा में हैं और उनकी एक्टिंग की खूब सराहना हो रही है। इस फिल्म में यामी गौतम मुख्य भूमिका में हैं, जबकि इमरान ने उनके पति अब्बास खान का किरदार निभाया है।
