इंदौर में दूषित पेयजल से मौतों को लेकर कांग्रेस का एक दिवसीय उपवास

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सागर। इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल पीने से हुई मौतों के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी सागर ने मकरोनिया में अवंती बाई की मूर्ति के समक्ष एक दिवसीय धरना-उपवास कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार की नीतियों की तीखी आलोचना की और मृतकों के परिवारों को न्याय दिलाने की जोरदार मांग की।
कार्यक्रम में जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष भूपेंद्र मुहासा ने कहा कि इंदौर में भाजपा का ही शासन है, लेकिन वहां हजारों लोग दूषित पानी पीने से गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि लगभग 25 से 30 लोगों की मौत हो चुकी है। मुहासा ने इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा कि इन मृतकों की हत्या का केस तीन-तीन इंजन वाली सरकारों पर दर्ज होना चाहिए।
पूर्व मंत्री सुरेंद्र चौधरी ने मनरेगा योजना पर हमला बोलते हुए कहा कि यह योजना मजदूरों के सपनों को साकार करने के लिए शुरू की गई थी, लेकिन अब यह अपने उद्देश्य से पूरी तरह भटक चुकी है। उन्होंने बताया कि सागर जिले में पिछले 5 वर्षों में महज एक प्रतिशत लोगों को ही रोजगार मिल पाया है।
प्रदेश कांग्रेस महामंत्री रेखा चौधरी ने आरोप लगाया कि इंदौर को स्मार्ट सिटी का नाम देकर लोगों को दूषित पेयजल पिलाया जा रहा है। उन्होंने भाजपा की प्रदेश सरकार को इसकी पूरी जिम्मेदारी लेने की मांग की। पूर्व सांसद डॉ. आनंद अहिरवार ने भी इंदौर की घटनाओं के लिए प्रदेश सरकार को जिम्मेदार ठहराया। वहीं पूर्व विधायक बंडा तरवर सिंह ने कहा कि भाजपा ने देश के श्रमिकों से रोजगार के अधिकार को छीन लिया है।
कार्यक्रम में कई अन्य वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने भी संबोधित किया, जिनमें शैलेंद्र तोमर, देवप्रशांत सिंह ठाकुर, हेमंत लारिया, आर आर पाराशर, श्याम करवरिया, पार्षद सीमा चौधरी, कमल चौधरी और अन्य शामिल रहे।
इस उपवास कार्यक्रम का संचालन मकरोनिया ब्लॉक अध्यक्ष देवेंद्र सिंह कुर्मी और युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष संदीप चौधरी ने किया। धरना में वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुरेंद्र सुहाने, संभागीय प्रवक्ता अभिषेक गौर, अवधेश तोमर, राहुल चौबे, पीयूष अवस्थी, संजय रोहिदास, अरविंद मिश्रा तथा ब्लॉक अध्यक्षगण पुष्पेंद्र सिंह कर्रापुर, भूपेन सिंह राजपूत बंडा, यासीन खान, शंकर सिंह बुंदेला सहित सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने इंदौर में दूषित पानी से जान गंवाने वालों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस घटना को प्रशासनिक लापरवाही और सरकार की असंवेदनशीलता का परिणाम बताते हुए पूरे प्रदेश में जल गुणवत्ता सुधारने और पीड़ितों को उचित मुआवजा देने की मांग दोहराई।
