इंदौर में चीनी मांजे पर हाईकोर्ट सख्त...!

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इंदौर में बीते दो महीनों के भीतर प्रतिबंधित चीनी मांजे से गला कटने की घटनाओं में दो लोगों की मौत और 13 लोगों के गंभीर रूप से घायल होने के मामलों को गंभीरता से लेते हुए हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है। कोर्ट ने बेहद सख्त रुख अपनाते हुए साफ कहा है कि अब न केवल चीनी मांजा बेचने, रखने और इस्तेमाल करने वालों पर कार्रवाई होगी, बल्कि अगर कोई नाबालिग इस जानलेवा मांजे से पतंग उड़ाते पकड़ा गया तो उसके माता पिता भी कानून के दायरे में आएंगे। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि प्रतिबंधित चीनी मांजा किसी भी हाल में शहर की छतों, बाजारों या गोदामों में नजर नहीं आना चाहिए।
इंदौर हाईकोर्ट की डबल बेंच ने जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए निर्देश दिए हैं कि चीनी मांजे की बिक्री, स्टॉकिंग और उपयोग पर तुरंत और कठोर कार्रवाई की जाए। अदालत ने कहा कि यदि किसी नाबालिग द्वारा यह घातक मांजा उपयोग करते पाया गया तो उसके अभिभावकों पर भी भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 106(1) के तहत अपराध दर्ज किया जाएगा। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि अब बच्चा है क्या कर लेगा जैसे तर्क स्वीकार नहीं किए जाएंगे और जिम्मेदारी सीधे माता पिता की मानी जाएगी।
स्वतः संज्ञान में दर्ज जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने इंदौर पुलिस आयुक्त सहित भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन, जबलपुर, झाबुआ, आलीराजपुर, खंडवा, बुरहानपुर, धार, खरगोन और रतलाम जिलों के अधिकारियों को भी सख्त निर्देश दिए हैं कि बाजारों और गोदामों में तत्काल छापेमारी कर चीनी मांजे की सप्लाई चेन पूरी तरह तोड़ी जाए। इसके साथ ही कोर्ट ने सोशल मीडिया का प्रभावी उपयोग कर आम नागरिकों को जागरूक करने के निर्देश भी दिए हैं ताकि हर व्यक्ति तक यह संदेश पहुंचे कि चीनी मांजा न सिर्फ प्रतिबंधित है बल्कि जानलेवा भी है। कोर्ट के आदेश के बाद साफ संकेत है कि इंदौर में अब चीनी मांजा उड़ाने पर सीधी कानूनी कार्रवाई तय है।
