सोने और चांदी की कीमतों ने रचा नया इतिहास, दूसरे दिन भी 'ऑल टाइम हाई' पर दाम

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चांदी ₹2.62 लाख और सोना ₹1.40 लाख के पार, दो दिनों में ₹20 हजार महंगी हुई चांदी
भारतीय सर्राफा बाजार में मंगलवार को बहुमूल्य धातुओं की कीमतों ने अब तक के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मची हलचल और औद्योगिक मांग में आए भारी उछाल के कारण लगातार दूसरे दिन सोने और चांदी के दाम अपने उच्चतम स्तर (ऑल टाइम हाई) पर पहुंच गए। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, चांदी की कीमतों में एक ही दिन में भारी बढ़त दर्ज की गई है, जिससे आम निवेशकों के साथ-साथ आभूषण खरीदारों में भी खलबली मच गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक तनाव और डॉलर की कमजोरी के चलते कीमती धातुओं में निवेश का आकर्षण बढ़ा है, जिसका सीधा असर घरेलू कीमतों पर दिख रहा है।
बाजार विवरण के अनुसार, मंगलवार को एक किलो चांदी की कीमत 6,566 रुपए के बड़े उछाल के साथ 2,62,742 रुपए के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गई। मात्र दो दिनों के भीतर ही चांदी की कीमतों में लगभग 20 हजार रुपए की तेजी आ चुकी है। वहीं, सोने की बात करें तो 24 कैरेट शुद्ध सोने का भाव भी 33 रुपए बढ़कर 1,40,482 रुपए प्रति 10 ग्राम के नए रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ। बीते साल 2025 में सोने में जहाँ 75 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई थी, वहीं चांदी ने 167 प्रतिशत की अविश्वसनीय बढ़त के साथ निवेशकों को मालामाल कर दिया है। बाजार विशेषज्ञों ने संकेत दिए हैं कि औद्योगिक मांग और आपूर्ति में कमी के चलते इस साल के अंत तक चांदी 2.75 लाख रुपए और सोना 1.50 लाख रुपए के पार जा सकता है।
बाजार विशेषज्ञों और जानकारों के विश्लेषण
चांदी में तेजी का मुख्य कारण औद्योगिक मांग: अजय केडिया
"चांदी की मांग में वर्तमान में जो तेजी दिख रही है, उसके पीछे सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) में इसका बढ़ता इस्तेमाल है। अब चांदी केवल आभूषणों तक सीमित नहीं रही, बल्कि एक जरूरी कच्चा माल बन गई है। वर्तमान स्थितियों को देखते हुए चांदी इस साल 2.75 लाख रुपए के स्तर को छू सकती है, जबकि सोना 1.50 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के पार जाने का अनुमान है।" — अजय केडिया, डायरेक्टर, केडिया एडवाइजरी
वैश्विक कारक और केंद्रीय बैंकों की खरीदारी: वित्तीय विश्लेषक
"सोने के दामों में लगी आग के पीछे तीन प्रमुख कारण हैं। पहला, अमेरिका में ब्याज दरें घटने की संभावना से डॉलर कमजोर हुआ है। दूसरा, रूस-यूक्रेन युद्ध और वैश्विक तनाव के कारण निवेशक सोने को सबसे सुरक्षित मान रहे हैं। तीसरा, चीन जैसे देशों के केंद्रीय बैंक भारी मात्रा में सोना खरीद रहे हैं। वहीं ट्रंप के टैरिफ डर से कंपनियां चांदी का स्टॉक जमा कर रही हैं, जिससे कीमतों को बल मिल रहा है।"
— बाजार अध्ययन रिपोर्ट (IBJA)
ऐसे करें असली चांदी की पहचान: ज्वेलरी एक्सपर्ट्स
"कीमतें बढ़ने के साथ बाजार में मिलावट का खतरा भी बढ़ जाता है। ग्राहक असली चांदी की पहचान चार आसान तरीकों से कर सकते हैं। चुंबक से न चिपकना (मैग्नेट टेस्ट), बर्फ का तेजी से पिघलना (आइस टेस्ट), किसी भी गंध का न होना (स्मेल टेस्ट) और सफेद कपड़े से रगड़ने पर काला निशान आना (क्लॉथ टेस्ट) असली चांदी की प्रमुख पहचान हैं। खरीदारी करते समय हमेशा हॉलमार्क का ध्यान रखें।"
— तकनीकी मार्गदर्शिका, सर्राफा बाजार
