नई दिल्ली। आजकल की तेज रफ्तार जिंदगी में लोगों के पास खुद के लिए समय काफी कम होता जा रहा है। काम का दबाव, घर की जिम्मेदारियां, भविष्य की चिंता और लगातार भागती दिनचर्या का असर मन पर भी पड़ता है। कई बार बिना किसी खास वजह के बेचैनी महसूस होने लगती है, छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आता है या किसी काम में मन लगाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में कुछ मिनट खुद के लिए निकालना काफी मददगार हो सकता है।इसी को देखते हुए आयुष मंत्रालय ने लोगों को ध्यान (मेडिटेशन) को अपनी रोज की दिनचर्या में शामिल करने की सलाह दी है। आयुष मंत्रालय ने अपने एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट साझा की। इसमें बताया गया है कि मेडिटेशन मन को शांत रखने और एकाग्रता बढ़ाने का आसान तरीका है।
मंत्रालय के मुताबिक, रोज कुछ समय मेडिटेशन करने से मन को शांति मिलती है, सोच को स्थिर रखने में मदद मिलती है और व्यक्ति अपने आसपास और अपने विचारों के प्रति ज्यादा सजग रहता है। इसके नियमित अभ्यास से धीरे-धीरे मन को एक जगह टिकाने की क्षमता बेहतर होती है।
मेडिटेशन का सबसे पहला फायदा मन को शांत रखने में मिलता है। जब हम दिनभर काम करते हैं तो दिमाग में एक साथ कई बातें चलती रहती हैं। कभी काम की चिंता होती है तो कभी घर या भविष्य को लेकर ख्याल आते रहते हैं। मेडिटेशन के दौरान कुछ समय के लिए इन बातों को हटाकर सिर्फ अपनी सांसों पर ध्यान देने की कोशिश की जाती है। इससे दिमाग को थोड़ी देर आराम मिलता है और लगातार चल रहे विचारों की रफ्तार कम होती है। जिससे मेडिटेशन करने के बाद मन हल्का और शांत महसूस होता है।
मेडिटेशन डर, गुस्सा, उदासी और चिंता जैसी नकारात्मक भावनाओं से दूरी बनाने में भी मदद करता है। जब कोई व्यक्ति परेशान होता है तो वह उसी बात के बारे में बार-बार सोचता रहता है। मेडिटेशन के दौरान उसे धीरे-धीरे अपना ध्यान सांसों पर वापस लाने का अभ्यास करना होता है। रोज ऐसा करने से व्यक्ति अपने विचारों को समझना सीखता है। इससे किसी बात पर तुरंत गुस्सा करने या घबराने के बजाय शांत होकर सोचने की आदत बनती है।
मेडिटेशन सकारात्मक सोच को बढ़ाने में भी मदद करता है। जब मन लगातार परेशान रहता है तो हर चीज नकारात्मक लगने लगती है। मेडिटेशन व्यक्ति को कुछ समय के लिए खुद के साथ शांत बैठने का मौका देता है। इस दौरान वह अपने विचारों को समझने की कोशिश करता है। धीरे-धीरे इससे छोटी परेशानियों को लेकर ज्यादा सोचने की आदत कम होती है और मन को शांत रखने में मदद मिलती है।
एकाग्रता बढ़ाने में भी मेडिटेशन उपयोगी होता है। मेडिटेशन करते समय व्यक्ति को बार-बार अपना ध्यान सांसों पर लगाना होता है। शुरुआत में मन बार-बार भटकेगा, लेकिन हर बार ध्यान को वापस उसी चीज पर लाने की कोशिश की जाती है। यही अभ्यास धीरे-धीरे मन को एक जगह टिकाने में मदद करता है। इसका फायदा पढ़ाई, काम या किसी दूसरे जरूरी काम में भी मिल सकता है।
मेडिटेशन याददाश्त को मजबूत बनाने में भी मदद करता है। जब दिमाग में बहुत ज्यादा बातें एक साथ चलती हैं तो किसी काम पर ध्यान देना मुश्किल हो जाता है। कुछ समय शांत बैठने और सांसों पर ध्यान देने से मन को आराम मिलता है। इससे व्यक्ति चीजों को ज्यादा साफ तरीके से सोचने की कोशिश कर सकता है।
मेडिटेशन का फायदा शरीर को भी मिलता है। जब मन तनाव में होता है तो शरीर भी थका हुआ महसूस कर सकता है। कुछ समय शांत बैठने और धीरे-धीरे सांस लेने से शरीर को आराम मिलता है। इससे मानसिक थकान कम महसूस होती है और व्यक्ति को ताजगी का अनुभव होता है।




