ग्वालियर। ग्वालियर जिले के बेहट थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले फुले का पुरा गांव के पास मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात एक रोंगटे खड़े कर देने वाला दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। यहां एक डंपर और ट्रक के बीच हुई सीधी और भीषण भिड़ंत के बाद एक वाहन का डीजल टैंक फट गया। टैंक फटते ही दोनों वाहनों में पलक झपकते ही भीषण आग लग गई, जिसने विकराल रूप धारण कर लिया। इस भयावह आग की चपेट में आने से दोनों वाहनों के चालक केबिन के भीतर ही फंस गए और उन्हें बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला, जिससे दोनों की जिंदा जलकर दर्दनाक मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह रूह कंपा देने वाला हादसा 16-17 जून 2026 की दरमियानी रात करीब 2:00 बजे घटित हुआ। बेहट थाना पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, दुर्घटनाग्रस्त डंपर क्रमांक (RJ-11-GE-3752) लेकर चालक जितेंद्र सिंह गुर्जर (उम्र 30 वर्ष, निवासी- मुरैना) दतिया की ओर जा रहा था। इसी दौरान विपरीत दिशा से ग्वालियर की ओर आ रहे ट्रक क्रमांक (MP-07-ZP-3610) के चालक सुरेंद्र सिंह गुर्जर (निवासी- बंगरोली, मुरैना) के वाहन के साथ उसकी आमने-सामने से सीधी भिड़ंत हो गई।
स्टीयरिंग के बीच फंसे चालक, धमाके के साथ फटा डीजल टैंक
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, दोनों भारी वाहनों के बीच हुई टक्कर इतनी जोरदार और भीषण थी कि दोनों गाड़ियों के अगले हिस्से (केबिन) पूरी तरह से चकनाचूर हो गए। भिड़ंत के तुरंत बाद दोनों ही चालक अपने-अपने वाहनों की स्टीयरिंग और सीट के बीच बुरी तरह फंस गए, जिससे वे हिल भी नहीं पा रहे थे।
चिंगारी बनी काल: दुर्घटना के वक्त वाहनों के टकराने से निकली तेज चिंगारी सीधे एक वाहन के डीजल टैंक पर जा गिरी, जिससे तेज धमाके के साथ डीजल टैंक फट गया। टैंक फटते ही निकले ईंधन ने आग को तेजी से भड़काया और कुछ ही मिनटों में दोनों ट्रक धूं-धूं कर जलते हुए आग के विशाल गोले में तब्दील हो गए।
बचाने दौड़े ग्रामीण, पर आग के आगे सब रहे बेबस
आधी रात को हुए इस भीषण धमाके और चीख-पुकार की आवाज सुनकर फुले का पुरा गांव के स्थानीय ग्रामीण और घटना की सूचना मिलते ही बेहट थाना पुलिस बल तत्काल मौके पर पहुंच गए। पुलिस और ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर जलते वाहनों से चालकों को सुरक्षित बाहर निकालने का भरसक प्रयास किया। ग्रामीणों ने घरों से बाल्टियों में पानी लाकर आग पर डालने और लोहे के सरियों से केबिन के दरवाजे तोड़ने की कोशिश भी की, लेकिन आग इतनी विकराल और लपटें इतनी ऊंची थीं कि कोई भी वाहनों के करीब पहुंचने की हिम्मत नहीं जुटा सका। दुर्भाग्य से, जब तक दमकल (फायर ब्रिगेड) की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाया गया, तब तक केबिन में फंसे दोनों चालक पूरी तरह जिंदा जलकर खाक हो चुके थे। बुधवार की सुबह वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर फॉरेंसिक (FSL) एक्सपर्ट की टीम भी घटना स्थल पर पहुंची और बारीकी से साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद केबिन को काटकर दोनों शवों के कंकाल व अवशेष बाहर निकाले और उन्हें पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया। बुरी तरह जल चुके शवों की वैज्ञानिक पहचान (शिनाख्त) की पुष्टि के लिए डॉक्टरों द्वारा डीएनए जांच हेतु नमूने भी इकट्ठे किए गए हैं। बेहट एसडीओपी (SDOP) मनीष यादव ने दुर्घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि दो ट्रकों की आमने-सामने की टक्कर के बाद भड़की आग से दोनों चालकों की मृत्यु हुई है। बेहट थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर हादसे के कारणों की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। पुलिस तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि यह दर्दनाक हादसा वाहनों की अत्यधिक तेज रफ्तार, लापरवाही पूर्वक ओवरटेकिंग या फिर रात में चालक को झपकी आने के कारण घटित हुआ है।


