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फ्लाइट रद्द और देरी को लेकर डीजीसीए ने इंडिगों पर लगाया 22.20 करोड़ का जुर्माना

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18 जनवरी 2026, 09:17 am IST
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डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) ने एयरलाइन कंपनी इंडिगो पर 22.20 करोड़ का जुर्माना ठोका है। यह जुर्माना एयरक्राफ्ट रूल्स के तहत लगाया गया है। इसके तहत एकमुश्त जुर्माना 1.80 करोड़ है। इसके अलावा एफडीटीएल नियमों का 68 दिन तक पालन नहीं करने पर प्रतिदिन 30 लाख का जुर्माना लगाया गया है, जो कि 20.40 करोड़ होता है।


डीजीसीए ने यह एक्शन 3 से 5 दिसंबर, 2025 के बीच इंडिगो की 2507 फ्लाइट के रद्द होने और 1852 फ्लाइट के ऑपरेशन में देरी होने पर लिया है। इस कारण तीन लाख से ज्यादा यात्रियों को परेशानी का सामने करना पड़ा था। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के निर्देश पर डीजीसीए ने मामले की जांच के लिए 4 मेंबर वाली कमेटी बनाई थी। कमेटी ने इंडिगो के नेटवर्क प्लानिंग, क्रू रोस्टरिंग और इंडिगो के इस्तेमाल किए जा रहे सॉफ्टवेयर सिस्टम की डिटेल इंवेस्टिगेशन और स्टडी की। इंडिगो एयरलाइंस ने कहा है कि वह डीजीसीए के सभी आदेशों को पूरी तरह मानेगी और जो भी सुधार जरूरी होंगे, वे सही समय पर किए जाएंगे। कंपनी के बोर्ड और मैनेजमेंट का कहना है कि हाल की घटना के बाद काम करने के तरीकों, सिस्टम और संचालन को मजबूत बनाने के लिए अंदरूनी तौर पर पूरी जांच और समीक्षा की जा रही है।


मीडिया रिपोर्ट में कमेटी के हवाले से बताया गया है कि इंडिगो मैनेजमेंट ने ऑपरेशन में देरी या आपात हालात से निपटने की पर्याप्त तैयारी नहीं की थी। साथ ही बदले हुए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन नियमों को भी सही तरीके से लागू नहीं किया था। इसी वजह से बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द हुईं और यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। जांच में यह भी सामने आया कि एयरलाइन ने क्रू, विमान और नेटवर्क संसाधनों के अधिकतम उपयोग पर जरूरत से ज्यादा जोर दिया। इससे क्रू रोस्टर में अतिरिक्त गुंजाइश बहुत कम रह गई। डेड-हेडिंग, टेल स्वैप, लंबी ड्यूटी और कम आराम समय जैसी व्यवस्थाओं ने फ्लाइट ऑपरेशन को कमजोर कर दिया।


इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो) के सीनियर अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। सीईओ को फ्लाइट ऑपरेशन और क्राइसेस मैनेजमेंट में कमी पर कॉशन दिया गया। अकाउंटेबल मैनेजर को विंटर शेड्यूल 2025 और संशोधित एफडीटीएल नियमों के प्रभाव का सही आकलन न करने पर वार्निंग दी गई। सीनियर वाइस प्रेसिडेंट को ऑपरेशनल जिम्मेदारियों से हटाने और भविष्य में किसी भी अकाउंटेबल पद पर नियुक्त न करने के निर्देश दिए हैं। डिप्टी हेड–फ्लाइट ऑपरेशंस, एवीपी-क्रू रिसोर्स प्लानिंग और डायरेक्टर-फ्लाइट ऑपरेशंस को भी ऑपरेशनल और मैनपावर प्लानिंग में चूक के लिए चेतावनी दी गई है।

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