कोहरे अभी खत्म भी नहीं हुआ है और अब दिल्ली एयरपोर्ट पर हवाई यात्रियों को 6 दिन और मुश्किलें झेलनी पड़ सकती हैं। गणतंत्र दिवस के सुरक्षा प्रोटोकॉल के मद्देनजर 21 जनवरी से दिल्ली के ऊपर एयरस्पेस बंद होने से यात्रियों को यात्रा में और भी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सरकार ने मंगलवार को 21 जनवरी से 6 दिनों के लिए एक नोटिस टू एयरमेन जारी किया है।
जानकारी के मुताबिक 2 घंटे 25 मिनट के इस बंद से हजारों उड़ानें प्रभावित होंगी और कनेक्शन बाधित होंगे। इसके चलते यात्रियों को देरी और कैंसलेशन का सामना करना पड़ेगा और एयरलाइंस को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। यह प्रैक्टिस गणतंत्र दिवस पर हर साल होने वाली ड्रेस रिहर्सल और परेड के लिए है। इसमें कर्तव्य पथ पर परेड, फ्लाईपास्ट और संस्कृति और मिलिट्री हार्डवेयर का प्रदर्शन शामिल होता है।
मंगलवार को जारी नोटैम के मुताबिक बंद होने में सिर्फ 8 दिन बचे हैं। इससे एयरलाइंस को अपनी उड़ानों को एडजस्ट करने, मिस-कनेक्टिंग यात्रियों को वेरिफाई कर उन्हें दूसरे रास्ते से भेजने या रिफंड और बदलाव देने में काफी मशक्कत करनी पड़ेगी, जो एयरलाइंस के लिए महंगा सौदा होगा। एविएशन एनालिटिक्स कंपनी सिरियम द्वारा शेयर किए गए डेटा से पता चलता है कि इस दौरान 600 से ज्यादा फ्लाइट्स पर असर पड़ेगा। यह वक्त दिल्ली में सबसे बिजी समय में से एक होता है, जब देशभर से आने वाले पैसेंजर यूरोप और भारत में दूसरी जगहों के लिए दोपहर की फ्लाइट्स पकड़ने के लिए लैंड करते हैं। कैंसलेशन, रीशेड्यूलिंग और रुकावटों की वजह से रोजाना हजारों पैसेंजर पर इसका असर पड़ेगा।
गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान फ्लाईपास्ट में शामिल विमानों के ही गणमान्य व्यक्तियों की सुरक्षा कारणों से इस तरह के पूरे बंद जरूरी होते हैं, जिन उड़ानों पर असर पड़ेगा, यह जरूरी नहीं कि वह सब कैंसिल ही हों। हालांकि उनके टाइम में बदलाव होगा। पैसेंजर्स को दूसरे टाइम पर दूसरी फ्लाइट में एडजस्ट किया जाएगा। इस वक्त दिल्ली में कोहरा भी छाया है, इसलिए जब किसी दिन विजिबिलिटी कम हो जाती है, तो इतने कम समय में इतनी सारी फ्लाइट्स और यात्रियों को मैनेज करना मुश्किल हो सकता है।

