Friday, March 6, 2026

LOGO

BREAKING NEWS
मध्य प्रदेशभोपालकांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष का दावा: मध्य प्रदेश के 97 प्रतिशत किसान हैं कर्जदार

कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष का दावा: मध्य प्रदेश के 97 प्रतिशत किसान हैं कर्जदार

Post Media
News Logo
PeptechTime
6 मार्च 2026, 01:23 pm IST
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter/XOpen Instagram
Copy Link

Advertisement

भोपाल। कांग्रेस की मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य सरकार द्वारा मनाए जा रहे कृषि कल्याण वर्ष को लेकर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के किसानों की हालत बहुत खराब है और 97 प्रतिशत किसान तो कर्ज में डूबे हुए हैं।


पटवारी ने कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय में संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव कृषि कल्याण वर्ष बना रहे हैं और जब कृषि कल्याण की बात आती है तो स्वाभाविक है कि प्रदेश की लगभग 70 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है। वहींं, दूसरी ओर पिछले 20 वर्षों से यह सरकार किसानों को केवल वादों के सहारे छलती रही है।


उन्‍होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान के कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान 20 साल से कहते आ रहे हैं कि हम खेती को लाभ का धंधा बनाएंगे और किसानों की आमदनी दोगुनी करेंगे, लेकिन आमदनी दोगुनी करने की जगह किसानों की आत्महत्याएं और कर्ज दोगुना हो गया। 20 साल से किसानों को छलने वाले लोग आज “कृषि कल्याण वर्ष” मनाने की बात कर रहे हैं।


पटवारी ने कहा कि आज प्रदेश के 97 प्रतिशत किसान कर्ज में डूबे हुए हैं। भाजपा ने चुनाव के समय किसानों को तीन बड़ी गारंटियां दी थीं, लेकिन आज तक एक भी गारंटी पूरी नहीं की गई। सोयाबीन को 6000 प्रति क्विंटल, धान को 3100 प्रति क्विंटल और गेहूं को 2700 रुपए प्रति क्विंटल देने का वादा किया गया था, लेकिन यह सब केवल चुनावी घोषणा बनकर रह गया।


उन्होंने कहा कि मोहन यादव पिछले दो साल से प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं, इसलिए जनता आज उनसे इन दो वर्षों का हिसाब मांग रही है। प्रदेश की स्थिति यह है कि कृषि विभाग में लगभग 60 प्रतिशत पद खाली पड़े हैं। जब विभाग में कर्मचारी ही नहीं होंगे तो किसानों की योजनाएं जमीन पर कैसे लागू होंगी।


पटवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री कृषि कल्याण दिवस मना रहे हैं, जबकि हकीकत यह है कि प्रदेश में कई प्रमुख कृषि योजनाओं में बजट का उपयोग ही नहीं हुआ। उदाहरण के तौर पर राष्ट्रीय कृषि विकास योजना में 165 करोड़ का प्रावधान था, लेकिन आवंटन शून्य रहा।


उन्होंने कहा कि भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट में भी कृषि विभाग से जुड़ी गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। फर्टिलाइजर डेवलपमेंट फंड, जो किसानों को प्रशिक्षण और उर्वरक प्रबंधन के लिए बनाया गया था, उसका लगभग 90 प्रतिशत पैसा वाहनों, ड्राइवरों के वेतन और रखरखाव में खर्च कर दिया गया, जबकि किसानों तक मात्र 10 प्रतिशत राशि ही पहुंची।

Today In JP Cinema, Chhatarpur (M.P.)