सतना में इस शिक्षण संस्थान के भर्ती विज्ञापन पर मचा बवाल...?

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सतना, अंबिका केशरी। सतना के विवादित निजी शिक्षण संस्थान मिशनरी क्रिस्तुकुला स्कूल एवं कॉलेज में भर्ती प्रक्रिया को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। संस्थान द्वारा जारी एक कथित भर्ती विज्ञापन में “प्रतिबद्ध ईसाई अभ्यर्थी चाहिए” लिखे जाने के बाद सामाजिक और शैक्षणिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिक्षकों एवं अन्य स्टाफ की नियुक्ति के लिए जारी इस विज्ञापन पर आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में धर्म को प्राथमिकता दी जा रही है। आलोचकों का कहना है कि शिक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में चयन का आधार योग्यता, अनुभव और दक्षता होना चाहिए, न कि किसी विशेष धर्म से जुड़ाव। उनका तर्क है कि इस प्रकार का उल्लेख संविधान द्वारा प्रदत्त समानता के अधिकार की भावना के विपरीत है।
स्थानीय नागरिकों और प्रबुद्ध वर्ग ने आपत्ति जताते हुए कहा कि शिक्षण संस्थानों का दायित्व समाज में समरसता और सर्वधर्म समभाव को बढ़ावा देना होता है। ऐसे में यदि भर्ती प्रक्रिया में धार्मिक पहचान को प्रमुख शर्त बनाया जाता है, तो यह सामाजिक सौहार्द के लिए चिंताजनक संकेत हो सकता है।
वहीं, कुछ जानकारों का मत है कि यदि संबंधित संस्थान को अल्पसंख्यक दर्जा प्राप्त है, तो उसे अपने धार्मिक मूल्यों के अनुरूप नियुक्तियों में प्राथमिकता देने का संवैधानिक अधिकार हो सकता है। हालांकि, इस बिंदु पर स्थिति स्पष्ट करने के लिए प्रशासनिक जांच को आवश्यक बताया जा रहा है।
मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग से हस्तक्षेप और तथ्यों की जांच की मांग तेज हो गई है। अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग इस विवाद पर क्या रुख अपनाता है और भर्ती प्रक्रिया को लेकर क्या दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं।


