कैप्टन सांभवी का दादी को आखिरी मैसेज: ‘हाय, गुड मॉर्निंग दादा

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(ग्वालियर): बारामती एयरपोर्ट पर हुए विमान हादसे में जान गंवाने वाली कैप्टन सांभवी पाठक का अपने परिवार से आखिरी संवाद बेहद भावुक कर देने वाला है। हादसे से कुछ घंटे पहले ही उन्होंने अपनी दादी को व्हाट्सएप पर मैसेज किया था—जो अब एक आखिरी याद बन गया है।
विस्तार: मध्य प्रदेश के ग्वालियर की रहने वाली कैप्टन सांभवी पाठक ने बुधवार सुबह करीब 6:30 बजे अपनी दादी मीरा पाठक को मैसेज लिखा—“हाय, गुड मॉर्निंग दादा।” जवाब में दादी ने लिखा—“गुड मॉर्निंग, चीनी।” परिवार में सांभवी को प्यार से ‘चीनी’ कहा जाता था। दादी मीरा पाठक बसंत विहार, ग्वालियर में रहती हैं और अब उसी आखिरी मैसेज को देख-देखकर अपनी पोती को याद कर रो रही हैं।दादी मीरा ने बताया कि सांभवी आमतौर पर मैसेज कम करती थीं, लेकिन जब भी बात होती, लंबी और अपनत्व से भरी होती थी। वह दादी को ‘दादा’ कहकर पुकारती थीं और कहती थीं कि दादाजी के बाद वही उनके दादा हैं।
हादसे की सूचना:
सुबह करीब 9 बजे सांभवी के पिता विक्रम का फोन आया। वे रो रहे थे। उसी वक्त विमान हादसे की खबरें चल रही थीं, जिससे दादी को अनहोनी का अंदेशा हो गया। करीब दो घंटे बाद हादसे में सांभवी के निधन की पुष्टि हुई।
परिवार और सपने:
परिवार के अनुसार, उड़ान भरने का जुनून सांभवी को अपने दादा और पिता से मिला था। कुंडली के हवाले से दादी ने बताया कि ज्योतिषी ने कहा था—2026-27 में वह ऐसा नाम रोशन करेगी कि देशभर में पहचान बनेगी। पर किसी ने नहीं सोचा था कि 28 जनवरी 2026 को यह पहचान एक दर्दनाक हादसे के साथ जुड़ जाएगी।
निष्कर्ष:
कैप्टन सांभवी पाठक का दादी को भेजा गया आखिरी मैसेज अब परिवार के लिए एक अमिट स्मृति बन गया है—जो उनके स्नेह, संस्कार और अधूरे सपनों की कहानी कहता है।
