Wednesday, February 4, 2026

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देशनई दिल्लीबजट 2026: कैंसर की दवाओं से लेकर विदेश में यात्रा करना हुआ सस्ता, शराब समेत ये चीजें हुईं महंगी

बजट 2026: कैंसर की दवाओं से लेकर विदेश में यात्रा करना हुआ सस्ता, शराब समेत ये चीजें हुईं महंगी

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1 फ़रवरी 2026, 05:27 am IST
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नई दिल्ली। भारत के इतिहास में पहली बार देश का आम बजट रविवार के दिन पेश हो रहा है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार को संसद के चल रहे बजट सत्र के हिस्से के रूप में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए केंद्रीय बजट पेश कर रही हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से रविवार को बजट 2026 पेश किया गया है। इसमें कई ऐसी घोषणाएं सामने आई हैं, जिसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा।


बजट 2026 में कैंसर, विदेश यात्रा, व्यक्तिगत आयात के साथ कई अन्य चीजों पर टैक्स कम किया गया है, जिससे आम आदमी को काफी फायदा होगा। वहीं, कोयला, शराब और शेयर बाजार में सट्टेबाजी पर टैक्स बढ़ाया गया है, जिससे इन चीजों की लागत पहले के मुकाबले बढ़ जाएगी। बजट 2026 में कैंसर की 17 दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी हटाई गई है। साथ ही 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाओं और विशेष भोजन को आयात शुल्क में छूट दी गई है। वहीं, व्यक्तिगत आयात पर टैरिफ को 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया है और विदेशा यात्रा टूर पैकेज पर टीसीएस को 5 प्रतिशत/20 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत किया गया है।


इसके अलावा, माइक्रोवेव ओवन, जूते, विदेश में पढ़ाई करना, सोलर एनर्जी से जुड़े चीजें, बैटरी, बायोफ्यूल मिली सीएनजी, हवाई जहाज के कलपुर्जे, चमड़े का निर्यात और बीड़ी आदि भी सस्ते हो जाएंगे। दूसरी तरफ, आयात शुल्क में इजाफा होने से कबाड़ और खनिज आदि महंगे हो जाएंगे। बजट 2026 में सरकार ने शराब (मानव उपभोग के लिए) पर टीसीएस की दर एक प्रतिशत से बढ़ाकर 2 प्रतिशत कर दी है। इसके अलावा, डेरिवेटिव्स में ट्रेडिंग कम करने के लिए सरकार ने बजट 2026 में फ्यूचर्स पर एसटीटी को मौजूदा 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत करने का प्रस्ताव दिया है। ऑप्शंस पर अब एसटीटी बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत करने का प्रस्ताव दिया गया है। इसके अलावा, सरकार ने बायबैक में शेयर सरेंडर करने पर सभी प्रकार के शेयरधारकों को होने वाले फायदे को कैपिटन गेन में लाने का प्रस्ताव रखा है। इससे अब बायबैक से होने वाली आय पर अधिक टैक्स लगेगा।


-आईएएनएस

1 फ़रवरी 2026 को 09:29 am बजे

वर्ष 2026 का बजट हर वर्ग के लिए लाभकारी, ऐतिहासिक और दूरदर्शी : उद्यमी वर्ग

भारत सरकार द्वारा वर्ष 2026 के लिए प्रस्तुत किए गए आम बजट को देश के सभी वर्गों के लिए लाभकारी, ऐतिहासिक और दूरदर्शी बताया जा रहा है। 1 फरवरी 2026 को वित्त मंत्री भारत सरकार निर्मला सीतारमण ने लगातार नौवीं बार लोकसभा सदन में बजट पेश कर एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया। इस अवसर पर उद्यमी, व्यापारी और औद्योगिक संगठनों ने सरकार का आभार जताते हुए बजट की जमकर सराहना की। एमएसएमई इंडस्ट्रियल एसोसिएशन नोएडा के अध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह नाहटा ने कहा कि वर्ष 2026 का बजट देश के उद्यमियों, व्यापारियों, किसानों, मछुआरों, मजदूरों, कर्मचारियों, छात्रों, महिलाओं और युवाओं सहित समाज के हर वर्ग को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। बजट में कर निर्धारण में राहत देकर मध्यम वर्ग और व्यवसायियों को बड़ी राहत प्रदान की गई है। उन्होंने बताया कि बजट में एमएसएमई सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया गया है, जिससे छोटे और मध्यम उद्योगों को मजबूती मिलेगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इसके साथ ही चमड़ा उद्योग को बढ़ावा देने, आयुर्वेदिक शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना, हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, और नए जल मार्गों के निर्माण जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान देश के बुनियादी ढांचे को नई गति देंगे। बजट में कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों की दवाओं की कीमतों में कमी, सोलर पैनल पर विशेष छूट, ड्रायफ्रूट्स की खेती और उत्पादन बढ़ाने पर जोर, तथा इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को प्राथमिकता देकर पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को भी महत्व दिया गया है। इसके अलावा अप्रैल 2026 से कर निर्धारण के लिए नई और सरल कर नीति, नई सड़कों, गर्ल्स हॉस्टल, यूनिवर्सिटी टाउनशिप और शहरी विकास से जुड़े प्रावधानों से शिक्षा, आवास और बुनियादी सुविधाओं को मजबूती मिलेगी। सुरेन्द्र सिंह नाहटा ने कहा कि यह बजट न केवल आर्थिक विकास को गति देगा बल्कि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को भी सशक्त बनाएगा। उन्होंने उद्यमियों की ओर से प्रधानमंत्री एवं वित्त मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए इस शानदार और सर्वसमावेशी बजट के लिए बधाई दी।


1 फ़रवरी 2026 को 09:29 am बजे

उत्तर प्रदेश : शाहजहांपुर में केंद्रीय बजट को लेकर उत्साह और संतोष

केंद्र सरकार की तरफ से पेश किए गए केंद्रीय बजट को लेकर उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर की जनता में खासी उत्सुकता और उत्साह देखने को मिला। बजट में मध्यम वर्ग, किसानों, युवाओं, महिलाओं और गरीबों के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं, जिस पर लोगों ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं। जहां कुछ वर्गों में राहत की खुशी छाई है, वहीं कुछ जगहों पर योजनाओं के जमीन पर उतरने को लेकर सवाल भी उठे हैं। व्यापारियों में बजट को लेकर संतोष की भावना दिखी। एक स्थानीय व्यापारी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि आयकर में दी गई राहत से मध्यम वर्ग को सीधा लाभ होगा। इससे उनकी खरीदारी की क्षमता बढ़ेगी और व्यापार में तेजी आएगी। इस फैसले से बाजार में मांग बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। गृहिणियों ने महिलाओं और बच्चों से जुड़ी योजनाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि ये प्रावधान परिवारों के लिए सहायक साबित होंगे। हालांकि, महंगाई को काबू करने के लिए और मजबूत कदम उठाने की जरूरत बताई गई।

1 फ़रवरी 2026 को 09:27 am बजे

चिराग पासवान ने बजट को बताया विजनरी

Chirag Paswan

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बजट की सराहना करते हुए कहा कि यह एक विजनरी बजट है, जो 2047 तक 'विकसित भारत' के निर्माण की मजबूत नींव रखता है। उन्होंने खास तौर पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की उपलब्धि का जिक्र किया। चिराग पासवान ने कहा, "यह बजट इसलिए भी खास है क्योंकि वित्त मंत्री ने इसे लगातार नौवीं बार पेश किया है, और इससे भी अधिक उल्लेखनीय बात यह है कि उन्होंने नौ बार एक ही प्रधानमंत्री के नेतृत्व में बजट पेश किया है।"

1 फ़रवरी 2026 को 05:59 am बजे

बजट पर भाजपा का भरोसा, सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने अखिलेश यादव पर साधा निशाना

Praveen Khandelwa

भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि आज केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण नौवी बार देश का बजट प्रस्तुत कर रही हैं। ऐसा करके वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महिला सशक्तीकरण के विजन को भी पूरा कर रही हैं। उन्होंने रविवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि इस बजट में समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों के लिए हर प्रकार की समुचित व्यवस्था है, जिसमें स्टार्ट अप, युवा, महिला सहित अन्य तबके के लोग शामिल हैं। इस बजट में सभी का ध्यान रखा गया है।

भाजपा सांसद ने कहा कि मैं दिल्ली का सांसद हूं। मुझे पूरा विश्वास है कि दिल्ली में विकास की गति मिलेगी। इस बजट में दिल्ली का भी ध्यान रखा गया है। दिल्ली के साथ किसी भी प्रकार की कोताही इस बजट में नहीं बरती गई है। इसके अलावा, उन्होंने समाजपार्टी के प्रमुख अखिलेश याद पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में अखिलेश यादव आरोप लगाने की बीमारी से पीड़ित हो चुके हैं। आखिर इन्हें हो क्या गया है। दुर्भाग्य की बात है कि उन्हें हर चीज में राजनीति में दिख रही है। इससे उनकी मंशा साफ जाहिर हो रही है। इससे साफ पता चलता है कि उन्हें देश के विकास से कोई लेना देना नहीं है। वो सिर्फ राजनीति में अपना अस्तित्व जिंदा रखने की जद्दोजहद में लगे हुए हैं, जो कि एक स्वस्थ्य राजनीतिक प्रणाली के लिए बिल्कुल भी उचित नहीं है। वहीं, जीएसटी संग्रहण की वृद्धि पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह सब कुछ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विजन से भी सफल हुआ है, जिसमें यह कहा गया है कि खुद का सामान बेचो। इस कारण से हमारा जीएसटी में कलेक्शन बढ़ा है।

उधर, भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाह ने भी बजट को लेकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि यह एनडीए सरकार का 12वां बजट है और निर्मला सीतारमण का यह नौवा बजट है। हर बजट में हमने विभिन्न प्रकार के सेक्टरों को टारगेट किया। जनकल्याणकारी योजनाओं का टारगेट किया। हमें पूरा विश्वास है कि इस बार भी बजट में विभिन्न क्षेत्रों को फायदा मिलने वाला है। इसे आशा का बजट कहना ज्यादा उचित रहेगा। इससे देश को नया उछाल मिलेगा। अभी एफटीए के बाद अभी हमन यूरोपीय यूनियन के साथ हमने समझौता किया है। इससे अर्थव्यवस्था में भी उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है।

1 फ़रवरी 2026 को 05:57 am बजे

आज का बजट पीएम मोदी के 'विकसित भारत' विजन की रिफॉर्म एक्सप्रेस का डेस्टिनेशन : किरेन रिजिजू

Kiren Rijiju

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने रविवार को केंद्रीय बजट 2026-27 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के विजन से चलने वाली रिफॉर्म एक्सप्रेस का डेस्टिनेशन बताया। समाचार एजेंसी आईएएनएस से ​​बात करते हुए किरेन रिजिजू ने कहा, "रिफॉर्म एक्सप्रेस बहुत तेजी के साथ आगे बढ़ी है। संसद में बजट पेश होने के साथ आज हम इसकी एक झलक देखेंगे। यह बजट पूरे देश के लिए है। यह सभी की भलाई के लिए है।"

1 फ़रवरी 2026 को 05:52 am बजे

केंद्रीय बजट 2026 पर दिलीप घोष ने जताया भरोसा

Dileep Ghosh

कोलकाता के भाजपा नेता दिलीप घोष ने केंद्रीय बजट 2026 को लेकर केंद्र सरकार पर पूरा भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि देश की जनता को सरकार की नीयत और नीतियों पर विश्वास रखना चाहिए, क्योंकि जो भी फैसले लिए जाएंगे, वे लोगों के हित में होंगे। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि बिना कारण के जनता ने इस सरकार को तीन बार सत्ता में नहीं पहुंचाया है।

बजट पेश होने से कुछ घंटों पहले पत्रकारों से बातचीत करते हुए दिलीप घोष ने कहा, "हमें केंद्र सरकार पर पूरी आस्था रखनी चाहिए। जो भी होगा, वह देश की जनता के हित में होगा। यह यूं ही नहीं है कि लोगों ने इस सरकार को तीन बार चुना है।" उन्होंने कहा कि सच्चाई 11 बजे साफ हो जाएगी, जब वित्त मंत्री बजट पेश करेंगी। इसके बाद जनता खुद देखेगी कि बजट में किसके लिए क्या खास है। टीएमसी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तंज कसते हुए दिलीप घोष ने आरोप लगाया कि वंदे मातरम हो या राज्य के लोगों के हितों की बात, टीएमसी ने कुछ खास नहीं किया है। ममता बनर्जी सिर्फ महापुरुषों की तस्वीरें लगाकर अपनी राजनीति चमकाने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन जमीन पर लोगों के लिए ठोस काम नहीं दिखता। दिलीप घोष ने कहा कि भाजपा का मानना है कि केंद्र सरकार की नीतियां देश के विकास और जनता की भलाई को ध्यान में रखकर बनाई जाती हैं। उन्होंने दोहराया कि बजट आने के बाद ही सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा । उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता अब विकास, पारदर्शिता और ईमानदार राजनीति चाहती है। उनके मुताबिक, केंद्र की योजनाओं का फायदा आम लोगों तक पहुंचे, यही भाजपा की प्राथमिकता है। एक ओर उन्होंने केंद्र सरकार की उपलब्धियों की तारीफ की, वहीं दूसरी ओर टीएमसी की राजनीति पर निशाना साधा और केंद्रीय आम बजट को लेकर धैर्य और भरोसा बनाए रखने को कहा।

1 फ़रवरी 2026 को 05:45 am बजे

विपक्ष बोला–आंकड़ों में उलझी सरकार, जमीन पर बदलाव नदारद

Veerendra Singh

केंद्रीय बजट 2026 को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। विपक्षी दलों ने इस बजट को लेकर आम जनता के लिए खास राहत की उम्मीद कम जताई है और सरकार पर लोगों की बुनियादी समस्याओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है। समाजवादी पार्टी के सांसद वीरेंद्र सिंह ने आईएएनएस से कहा कि अगर हर साल की तरह इस बार भी जनता को सिर्फ आंकड़ों के जाल में उलझाया गया, तो यह बजट एक बार फिर असफल साबित होगा। उन्होंने कहा, "देश की स्थिति अब बदल चुकी है और लोगों को केवल आंकड़े नहीं, बल्कि जमीन पर बदलाव चाहिए।"

सपा सांसद आनंद भदौरिया ने आम लोगों की रोजमर्रा की परेशानियों की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि आज भी आम आदमी के लिए बुनियादी सुविधाएं पूरी तरह उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर कोई बीमार हो जाए, खासकर बिहार जैसे राज्यों में, तो सरकारी अस्पतालों में ठीक से इलाज नहीं मिल पाता। बच्चों को सरकारी स्कूलों में अच्छी शिक्षा नहीं मिल रही है। किसान और नौजवानों की हालत आज भी जस की तस है। ऐसे में बजट से क्या बदलने वाला है? समाजवादी पार्टी के सांसद रामगोपाल यादव ने भी बजट को लेकर निराशा जताई। उन्होंने कहा कि इस बार के बजट से उन्हें कोई उम्मीद नहीं है और आम जनता के लिए इसमें कुछ भी खास नजर नहीं आता। आम लोगों के लिए कुछ नहीं है। वहीं कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी बजट को लेकर अधिक उम्मीदें नहीं जताईं। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बार के बजट से बहुत ज्यादा आशा नहीं है एक ओर विपक्ष बजट 2026 को लेकर सरकार के दावों से संतुष्ट नहीं है। वहीं, दूसरी ओर पक्ष के नेताओं ने इस बार के केंद्रीय आम बजट को हर एक वर्ग के लिए बेहद खास बताया है। इसके साथ ही इस बजट को विकसित भारत की दिशा में अग्रणी कदम भी बताया है।

1 फ़रवरी 2026 को 05:42 am बजे

बजट से पहले आए जीएसटी के आंकड़े, संग्रह 1.93 लाख करोड़ रुपए के पार

बजट 2026 से पहले सरकार की ओर से गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) संग्रह के आंकड़े रविवार को पेश कर दिए हैं। जनवरी में सकल जीएसटी संग्रह सालाना आधार पर 6.2 प्रतिशत बढ़कर 1.93 लाख करोड़ रुपए हो गया है। इससे पहले जनवरी 2025 में जीएसटी संग्रह 1.82 लाख करोड़ रुपए था। सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, अप्रैल से जनवरी 2025-26 की अवधि में सकल जीएसटी संग्रह 18.43 लाख करोड़ रुपए रहा है। इसमें सालाना आधार पर 8.3 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है। जनवरी में शुद्ध जीएसटी संग्रह 1.70 लाख करोड़ रुपए रहा है। इसमें पिछले साल की समान अवधि में 7.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। वित्त वर्ष 26 की शुरुआत से अब तक शुद्ध जीएसटी संग्रह सालाना आधार पर 6.8 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 15.95 लाख करोड़ रुपए था। जनवरी में रिफंड में मिलाजुला रुझान देखने को मिला है। बीते महीने कुल जीएसटी रिफंड 22,665 करोड़ रुपए रहा है। इसमें सालाना आधार पर 3.1 प्रतिशत की कमी आई है। घरेलू रिफंड सालाना आधार पर 7.1 प्रतिशत कम होकर 13,119 करोड़ रुपए हो गया है। निर्यात रिफंड सालाना आधार पर 2.9 प्रतिशत बढ़कर 9,546 करोड़ रुपए हो गया है। दिसंबर में जीएसटी संग्रह में पिछले वर्ष के इसी महीने के 1,64,556 करोड़ रुपए की तुलना में 6.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी और यह बढ़कर 1,74,550 करोड़ रुपए हो गया था, जो इस महीने के दौरान आर्थिक गतिविधियों में हुई वृद्धि को दर्शाता है। केंद्रीय जीएसटी संग्रह बढ़कर 34,289 करोड़ रुपए, राज्य जीएसटी संग्रह बढ़कर 41,368 करोड़ रुपए और एकीकृत जीएसटी संग्रह बढ़कर 98,894 करोड़ रुपए हो गया था। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से आज संसद में बजट पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री बजट ऐसे समय पर पेश कर रही हैं, जब वैश्विक स्तर पर आर्थिक परिस्थितियां कठिन बनी हुई हैं और टैरिफ से प्रभावित कई सेक्टर्स राहत की उम्मीद कर रहे हैं। इस कारण बजट 2026 में बाजार का ध्यान इंडस्ट्री और निर्यात से जुड़े ऐलान पर हो सकता है।

1 फ़रवरी 2026 को 05:30 am बजे

केंद्रीय बजट 2026 से पहले सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट, सिल्वर 9 प्रतिशत तक फिसली

Gold and silver prices have fallen sharply

पिछले दो दिनों से जारी तेज गिरावट के बाद रविवार सुबह चांदी की कीमतों में फिर से भारी गिरावट देखने को मिली। एमसीएक्स पर चांदी के दाम करीब 10 प्रतिशत तक गिर गए। दुनिया भर में धातु बाजार में बिकवाली का असर भारतीय बाजार पर भी साफ दिखा। केंद्रीय बजट 2026-27 के चलते रविवार को विशेष सत्र में एमसीएक्स (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज) पर मार्च डिलीवरी वाली चांदी में 22,626 रुपए यानी करीब 8 प्रतिशत तक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई और यह 2,69,299 रुपए प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती नजर आई। शुरुआती कारोबार में चांदी 2,65,652 रुपए तक गिर गई थी, जिसमें 9 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। रिकॉर्ड ऊंचाई से तुलना करें तो चांदी की कीमतों में अब तक करीब 36 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है। यह कीमती धातुओं में चल रही बड़ी गिरावट का हिस्सा मानी जा रही है। वहीं एमसीएक्स पर फरवरी डिलीवरी वाला सोना 3.59 प्रतिशत यानी 5,368 रुपए की गिरावट के साथ 1,44,285 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। सोने का भाव इंट्रा-डे में 1,36,185 रुपए प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया था। कीमती धातुओं की कीमतों में यह गिरावट अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक घोषणा के बाद आई है। ट्रंप ने कहा कि केविन वार्श, जेरोम पॉवेल की जगह अमेरिका के केंद्रीय बैंक (फेडरल रिजर्व) के नए चेयरमैन बन सकते हैं। केविन वार्श को एक सख्त (हॉकिश) सोच वाला व्यक्ति माना जाता है। माना जा रहा है कि वह ब्याज दरों को लेकर अलग रुख अपना सकते हैं। इससे डॉलर मजबूत हो सकता है और आमतौर पर डॉलर मजबूत होने पर सोने-चांदी जैसी धातुओं की कीमतों पर दबाव पड़ता है। सोने और चांदी में आई बड़ी गिरावट की एक और वजह ज्यादा सट्टेबाजी और मुनाफावसूली भी है। इससे पहले कीमती धातुओं में बहुत तेज तेजी आई थी, क्योंकि शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ने से निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के तौर पर सोना-चांदी खरीदी थी। बाजार के जानकारों का कहना है कि "बड़ी तेजी के बाद मुनाफावसूली होना सामान्य बात है। जब किसी चीज की कीमत उसकी असली मजबूती से काफी आगे निकल जाती है, तो गिरावट आती ही है। मजबूत डॉलर और ज्यादा बढ़ी हुई कीमतों के कारण निवेशक अब मुनाफा निकाल रहे हैं।"

1 फ़रवरी 2026 को 05:23 am बजे

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से की मुलाकात, दिखाया लाल 'डिजिटल बही-खाता'

Sitharaman shows red 'digital bahi-khata'

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में बजट पेश करने से पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने लाल 'डिजिटल बही-खाता' पेश किया। पारंपरिक तौर पर वित्त मंत्री संसद में बजट पेश करने से पहले राष्ट्रपति से मुलाकात करती हैं। इस बार भी बजट पेपरलेस होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा ही पेपरलेस बजट की शुरुआत की गई थी। वित्त मंत्री सीतारमण ने सबसे पहले 2019 में ब्रिटिश काल से चली आ रही चमड़े के पुरानी ब्रीफकेस की जगह पारंपरिक बही-खाता का इस्तेमाल शुरू किया था। इसके दो साल बाद 2021 में, उन्होंने बजट के कागजात ले जाने के लिए डिजिटल टैबलेट का उपयोग करना शुरू किया था। आगामी बजट वित्त मंत्री के रूप में सीतारमण का लगातार नौवां बजट होगा।

वित्त मंत्री बजट ऐसे समय पर पेश कर रही हैं, जब वैश्विक स्तर पर आर्थिक परिस्थितियां कठिन बनी हुई हैं और टैरिफ से प्रभावित कई सेक्टर्स राहत की उम्मीद कर रहे हैं। इस कारण बजट 2026 में बाजार का ध्यान इंडस्ट्री और निर्यात से जुड़े ऐलान पर हो सकता है। इसके अतिरिक्त संसद में सुबह 11 बजे केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करने के बाद, वित्त मंत्री सीतारमण देश के विभिन्न क्षेत्रों के लगभग 30 कॉलेज छात्रों से बातचीत करेंगी। आधिकारिक बयान के अनुसार, इस पहल के तहत, छात्र लोकसभा गैलरी से केंद्रीय बजट का सीधा प्रसारण भी देखेंगे, जिससे उन्हें वर्ष की सबसे महत्वपूर्ण संसदीय कार्यवाही में से एक को देखने का अवसर मिलेगा। इन छात्रों का चयन वाणिज्य, अर्थशास्त्र, चिकित्सा शिक्षा और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों सहित विभिन्न शैक्षणिक विषयों से किया गया है और वे भारत के विभिन्न राज्यों का प्रतिनिधित्व करते हैं। वे कर्तव्य भवन-1 स्थित वित्त मंत्रालय का दौरा भी करेंगे और वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत करके इसके कामकाज, नीति निर्माण प्रक्रियाओं और राष्ट्र निर्माण में संस्थानों की भूमिका के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे।

Today In JP Cinema, Chhatarpur (M.P.)