नई दिल्ली। यूरोपीय संघ (ईयू) के सदस्य देशों के मिशन प्रमुख शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व से एक महत्वपूर्ण संवाद में हिस्सा लेंगे। यह बैठक भाजपा की चल रही ‘नो द भाजपा’ पहल के तहत आयोजित की जा रही है। जिसमें भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन हिस्सा लेंगे। इस संवाद में यूरोपीय संघ के विभिन्न देशों के राजनयिक शामिल होंगे, जो भारत की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के कार्य, नीतियों और विकास दृष्टिकोण को करीब से समझेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य भारत-यूरोप संबंधों में राजनीतिक समझ और संवाद को और मजबूत करना बताया गया है।

भाजपा के विदेश मामलों के विभाग के प्रभारी डॉ. विजय चौथाईवाले ने बताया कि इस पहल के माध्यम से राजनयिक समुदाय को पार्टी के सफर, संगठनात्मक संरचना, विचारधारा और शासन के मॉडल को समझने का अवसर मिलता है।

उन्होंने कहा कि भाजपा लगातार इस तरह के संवाद कार्यक्रमों के जरिए वैश्विक समुदाय के साथ अपनी नीतियों और दृष्टिकोण को साझा कर रही है। जिसका उद्देश्य विदेशी प्रतिनिधियों को पार्टी की विचारधारा, संगठनात्मक ढांचे और शासन मॉडल से परिचित कराना है। यह कार्यक्रम शुक्रवार को दोपहर 3:30 बजे भाजपा के राष्ट्रीय मुख्यालय में होगा।

पार्टी के अनुसार, ‘नो द भाजपा’ पहल के तहत इससे पहले भी कई देशों के राजनयिक और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधि भाजपा मुख्यालय का दौरा कर चुके हैं। वे पार्टी की चुनावी सफलता, संगठनात्मक मजबूती और नीतिगत ढांचे को समझने में रुचि दिखा चुके हैं। इस पहल की शुरुआत भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने की थी।

इस विशेष संवाद कार्यक्रम में भाजपा के शीर्ष नेतृत्व और यूरोपीय संघ के मिशन प्रमुखों के बीच सीधा संवाद होने की संभावना है। भाजपा नेतृत्व इस दौरान भारत के विकास मॉडल, डिजिटल गवर्नेंस, जनकल्याणकारी योजनाओं और वैश्विक कूटनीति में भारत की भूमिका पर भी प्रकाश डाल सकता है।

पार्टी का मानना है कि ऐसे संवाद कार्यक्रम अंतर्राष्ट्रीय संबंधों को मजबूत करने के साथ-साथ विभिन्न देशों के राजनयिकों को भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था और राजनीतिक प्रक्रिया को बेहतर तरीके से समझने का अवसर देते हैं। विदेश मामलों के विभाग के प्रभारी विजय चौथाईवाले ने कहा कि यह पहल भारत की सॉफ्ट पावर और राजनीतिक संवाद क्षमता को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करने का एक प्रयास है। यह बैठक भारत और यूरोपीय संघ के बीच राजनीतिक समझ और आपसी सहयोग को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।