भोपाल। रक्षाबंधन पर्व से ठीक पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में वल्लभ भवन स्थित मंत्रालय में आयोजित मंत्रिमंडल समूह (कैबिनेट) की बैठक में जनहित से जुड़े कई बड़े प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कैबिनेट निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर, किसान कल्याण, कौशल विकास और राहत प्रबंधन को लेकर ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं।


कैबिनेट बैठक के प्रमुख निर्णय और योजनाएं

1. सिवनी-बालाघाट फोरलेन मार्ग को मंजूरी (₹3,458 करोड़)

सिवनी-बालाघाट स्टेट हाईवे के 91.64 किलोमीटर लंबे मार्ग को 'पेव्ड शोल्डर' के साथ फोर-लेन (4-Lane) बनाने का निर्णय लिया गया है। हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (Hybrid Annuity Model) पर आधारित इस प्रोजेक्ट की कुल लागत ₹3,458 करोड़ होगी। इसके अलावा प्रदेश में 12 नई सड़कों का निर्माण भी हाइब्रिड एन्युटी मॉडल पर कराया जाएगा।


2. किसानों की जमीन अधिग्रहण पर 4 गुना मुआवजा

भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को सरल व पारदर्शी बनाने के लिए आपसी सहमति से भूमि क्रय करने के नए प्रावधान को मंजूरी दी गई है। अब यदि किसान आपसी सहमति देते हैं, तो सरकार उन्हें 4 गुना मुआवजा राशि देकर सीधे भूमि क्रय कर सकेगी। इससे भू-अधिग्रहण में होने वाली कानूनी देरी बचेगी और विकास परियोजनाओं में तेजी आएगी।


3. 20 अगस्त से 'फार्मर आईडी' अभियान

प्रदेश के किसानों के लिए फार्मर आईडी (Farmer ID) बनाने का विशेष अभियान 20 अगस्त से शुरू किया गया है। इसके तहत शासकीय दल सीधे किसानों के पास जाकर उनकी आईडी बनाएंगे, जिससे किसानों को दफ्तरों या लाइनों में नहीं लगना पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी किसानों से अपनी फार्मर आईडी बनवाने की अपील की है।


4. विकसित भारत में कौशल विकास और रोजगार

नीति आयोग की नवीनतम रिपोर्ट के आधार पर प्रदेश के युवाओं को आधुनिक कौशल विकास (Skill Development) और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़कर रोजगार तथा स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए विभिन्न विभाग मिलकर संयुक्त रणनीति तैयार करेंगे।


5. 'जन विश्वास अभियान' की तिथियों में संशोधन

रक्षाबंधन और जन्माष्टमी पर्व के दृष्टिगत मुख्यमंत्री के निर्देश पर 'जन विश्वास अभियान' के कार्यक्रमों की तिथियों में बदलाव किया गया है: 28 अगस्त के स्थान पर अब 29 अगस्त को कार्यक्रम होगा। 4 सितंबर के स्थान पर अब 5 सितंबर को आयोजन किया जाएगा।


6. अतिवृष्टि एवं कम वर्षा वाले क्षेत्रों के लिए निर्देश

मानसून की स्थिति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने जलभराव व अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाने के आदेश दिए हैं। कम वर्षा वाले इलाकों में किसानों को सिंचाई सुविधा और कृषि जरूरतों के लिए पूर्व तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।


90% फैसलों पर अमल: मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि मुख्य सचिव द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 3 वर्षों में राज्य कैबिनेट द्वारा लिए गए निर्णयों में से 90 प्रतिशत से अधिक पर सफलतापूर्वक अमल (Implementation) किया जा चुका है।