भिंड के हवलदार शैलेंद्र सिंह भदौरिया का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार,

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भिंड। जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में सर्चिंग ऑपरेशन के दौरान हुए हादसे में शहीद हुए भिंड निवासी हवलदार शैलेंद्र सिंह भदौरिया का शनिवार सुबह उनके पैतृक गांव चितावली (अटेर) में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। शहीद के छह वर्षीय बेटे भावेश भदौरिया ने पिता को मुखाग्नि दी। इस भावुक दृश्य को देखकर मौके पर मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।
इससे पहले जब शहीद का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, तो अंतिम दर्शन के लिए हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। सेना के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर अपने वीर साथी को अंतिम सलामी दी। गांव और आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई।गौरतलब है कि डोडा जिले में सर्चिंग ऑपरेशन के दौरान सेना का वाहन खाई में गिर गया था, इस हादसे में हवलदार शैलेंद्र सिंह भदौरिया समेत कुल 10 जवान शहीद हो गए थे ।
शहीद की पत्नी शिवानी ने पति की अंतिम विदाई के समय अदम्य साहस का परिचय दिया। रोते-बिलखते लोगों से उन्होंने कहा, “रोना-धोना बंद करो, कुछ नहीं होगा।” इसके बाद वह पति के पार्थिव शरीर के पास बैठ गईं और दोनों हाथों से उनके गाल चूमते हुए बार-बार बलाएं लेती रहीं। एक वीर नारी के इस हौसले को देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति भावुक हो उठा।
गांव में देशभक्ति के नारों के बीच शहीद को अंतिम विदाई दी गई। पूरे क्षेत्र ने अपने वीर सपूत को नम आंखों से श्रद्धांजलि अर्पित की।
