भारत कोकिंग कोल की दमदार लिस्टिंग

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भारत कोकिंग कोल यानी बीसीसीएल के शेयरों ने शेयर बाजार में शानदार आगाज किया है। 19 जनवरी को कंपनी की लिस्टिंग करीब 96 प्रतिशत प्रीमियम के साथ हुई। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर शेयर 23 रुपये के इश्यू प्राइस के मुकाबले 45 रुपये पर लिस्ट हुआ, जबकि बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर यह 45.21 रुपये के स्तर पर पहुंचा। हालांकि दिन के कारोबार के दौरान इसमें थोड़ी गिरावट देखने को मिली और अंत में एनएसई पर 40.66 रुपये तथा बीएसई पर 40.28 रुपये पर बंद हुआ।
कंपनी ने इस आईपीओ के जरिए कुल 1071.11 करोड़ रुपये जुटाए हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि लिस्टिंग गेन उम्मीद से कहीं बेहतर रहा है। जिन निवेशकों ने केवल लिस्टिंग मुनाफे के लिए निवेश किया था, वे प्रॉफिट बुकिंग कर सकते हैं, जबकि लंबी अवधि के निवेशक स्टील सेक्टर में कोकिंग कोल की बढ़ती मांग को देखते हुए इसमें बने रह सकते हैं।
बीसीसीएल के आईपीओ को निवेशकों से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला था। तीन दिन में यह इश्यू कुल 143.85 गुना सब्सक्राइब हुआ, जबकि रिटेल कैटेगरी में 49.37 गुना सब्सक्रिप्शन दर्ज किया गया। यह कोल इंडिया की सब्सिडियरी कंपनी है और पूरा इश्यू ऑफर फॉर सेल था, यानी इससे मिलने वाली राशि सीधे कोल इंडिया को जाएगी।
फाइनेंशियल स्थिति की बात करें तो कंपनी का ट्रैक रिकॉर्ड मजबूत रहा है। वित्त वर्ष 2025 में बीसीसीएल का रेवेन्यू करीब 13803 करोड़ रुपये और मुनाफा 1564 करोड़ रुपये रहा। कंपनी पूरी तरह कर्ज मुक्त है और इसके पास मजबूत कैश फ्लो है। देश के कुल कोकिंग कोल उत्पादन में बीसीसीएल की हिस्सेदारी लगभग 58 प्रतिशत है, जो इसे रणनीतिक रूप से बेहद अहम बनाती है।
हालांकि कुछ जोखिम भी मौजूद हैं। कंपनी का संचालन झरिया और रानीगंज जैसे सीमित भौगोलिक क्षेत्रों तक केंद्रित है और सरकारी नीतियों तथा वैश्विक कोयला कीमतों में उतार चढ़ाव का असर इसके कारोबार पर पड़ सकता है। इसके बावजूद घरेलू स्तर पर कोकिंग कोल की बढ़ती जरूरत के चलते बीसीसीएल को आने वाले समय में मजबूत कंपनी के रूप में देखा जा रहा है।
