छतरपुर। जिला मुख्यालय स्थित जिला पंचायत सभाकक्ष में कलेक्टर पार्थ जैसवाल की अध्यक्षता में जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति (डीएलसीसी) की एक बेहद महत्वपूर्ण और समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। इस उच्च स्तरीय बैठक में लीड बैंक मैनेजर (एलडीएम) अमित वर्मा सहित विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबंधक और अनेक विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। बैठक के दौरान शासकीय कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और ऋण वितरण में लापरवाही बरतने वाले बैंक प्रबंधकों तथा बैठक से नदारद रहने वाले मुख्य नगरपालिका अधिकारियों (सीएमओ) के खिलाफ कलेक्टर ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार करते हुए तत्काल दंडात्मक कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए।


लापरवाही पर बड़ा एक्शन: नौगांव यूनियन बैंक प्रबंधक पर होगी प्राथमिकी

बैठक में जब राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्व सहायता समूहों के कैश क्रेडिट लिमिट (सीसीएल) वितरण की बैंकवार प्रगति की समीक्षा की गई, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। इस दौरान यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की नौगांव शाखा की प्रगति और कार्यशैली अत्यंत खराब और निराशाजनक पाई गई। समूहों को समय पर ऋण न देने और शासकीय काम में घोर लापरवाही बरतने पर कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने गहरी नाराजगी और आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए मंच से ही संबंधित यूनियन बैंक नौगांव के शाखा प्रबंधक के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने के कड़े निर्देश संबंधित अधिकारियों को दे दिए, जिससे बैंकिंग जगत में हड़कंप मच गया है।


लंबित प्रकरणों का तत्काल डिस्बर्समेंट करने की सख्त हिदायत

कलेक्टर ने उद्यानिकी विभाग की महत्वपूर्ण योजना 'पीएम सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना' (PMFME) के लंबित मामलों की भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), मध्यांचल ग्रामीण बैंक और बैंक ऑफ इंडिया (BOI) के प्रबंधकों को स्पष्ट हिदायत दी कि जितने भी आवेदन स्वीकृत हो चुके हैं, उनका तत्काल निराकरण कर राशि हितग्राहियों के खातों में ट्रांसफर (डिस्बर्समेंट) करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि बैंकों में किसी भी जनकल्याणकारी योजना के प्रकरण बिना ठोस कारण के लंबित नहीं रहने चाहिए, अन्यथा कड़ी कार्रवाई भुगतने के लिए तैयार रहें।


केसीसी और कामधेनु योजना की गति बढ़ाने के निर्देश

किसानों और पशुपालकों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कलेक्टर ने पशुपालन विभाग के अंतर्गत आने वाले किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के आवेदनों को शीघ्रता से स्वीकृत करने की बात कही। इसके साथ ही डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना की समीक्षा करते हुए पंजाब नेशनल बैंक (PNB), बैंक ऑफ बड़ौदा (BOB), स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और मध्यांचल ग्रामीण बैंक को निर्देशित किया गया कि वे अपने स्तर पर लंबित सभी प्रकरणों का शीघ्र डिस्बर्समेंट सुनिश्चित कर पशुपालकों को राहत पहुंचाएं।


पीएम स्वनिधि योजना में सुस्ती पर थमेगा सीएमओ का वेतन

शहरी पथ विक्रेताओं के लिए संचालित पीएम स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर (स्वनिधि) योजना की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने नौगांव, सटई और बिजावर क्षेत्र की स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, मध्यांचल ग्रामीण बैंक और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की शाखाओं को सख्त निर्देश दिए कि वे प्राथमिकता के आधार पर लोन स्वीकृत करें। इसी योजना के तहत समय पर लक्ष्य के अनुरूप आवेदन प्रस्तुत न करने पर कलेक्टर ने कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए नौगांव एवं महाराजपुर के मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) का एक दिन का वेतन काटने (एक दिन का अवैतनिक करने) के निर्देश दिए। वहीं, इस महत्वपूर्ण बैठक में बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित रहने पर हरपालपुर सीएमओ का भी एक दिन का वेतन काटने तथा जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक (GM DIC) को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।