अविमुक्तेश्वरानंद बोले- प्रशासन के माफी मांगने तक नहीं लगाऊंगा डुबकी...?

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प्रयागराज | प्रयागराज में चल रहे माघ मेले के सबसे महत्वपूर्ण स्नान पर्व 'वसन्त पंचमी' पर श्रद्धा और विवाद का अनूठा मेल देखने को मिल रहा है। एक ओर जहाँ लाखों श्रद्धालु संगम की त्रिवेणी में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ज्योतिष्पीठाधीश्वर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और माघ मेला प्रशासन के बीच तनाव चरम पर पहुँच गया है। शंकराचार्य ने स्पष्ट घोषणा की है कि जब तक प्रशासन अपने दुर्व्यवहार के लिए माफी नहीं मांगता, वे वसन्त पंचमी का स्नान नहीं करेंगे।
"प्रशासन नोटिस-नोटिस खेल रहा है": शंकराचार्य
अविमुक्तेश्वरानंद ने तीखे तेवर अपनाते हुए कहा कि प्रशासन केवल औपचारिकताओं और नोटिस भेजने में लगा है, जबकि मूल समस्याओं का समाधान नहीं किया गया। उन्होंने कहा, "अभी मेरा मौनी अमावस्या का ही स्नान संपन्न नहीं हो पाया है, तो मैं वसन्त पंचमी का स्नान कैसे कर लूँ? प्रशासन को अपनी गलती माननी होगी, तभी मैं जल में प्रवेश करूँगा।" शंकराचार्य का यह अडियल रुख मेले के प्रशासनिक अधिकारियों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
मुख्यमंत्री योगी का 'कालनेमि' वाला प्रहार
इस विवाद के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसी का नाम लिए बिना कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा, "सनातन धर्म की परंपराओं को बाधित करने का अधिकार किसी को नहीं है।" सीएम ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि वर्तमान में ऐसे कई 'कालनेमि' (छद्म भेषधारी) सक्रिय हैं, जो धर्म की आड़ लेकर सनातन संस्कृति को कमजोर करने की साजिश रच रहे हैं। उन्होंने जनता से ऐसे तत्वों से सतर्क रहने की अपील की।
डिप्टी सीएम की 'चरण वंदना' और प्रार्थना
एक तरफ मुख्यमंत्री के कड़े तेवर दिखे, तो दूसरी तरफ डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने नरम रुख अपनाया। आजमगढ़ में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए कहा, "मैं पूज्य ज्योतिष्पीठाधीश्वर के चरणों में प्रणाम करता हूँ। मेरी उनसे विनम्र प्रार्थना है कि वे अपनी हठ त्याग कर पवित्र स्नान संपन्न करें और इस विवाद का पटाक्षेप करें।"
संगम पर आस्था का सैलाब: रामदेव ने लगाई डुबकी
तमाम विवादों के बीच वसन्त पंचमी के अवसर पर संगम तट श्रद्धालुओं से सराबोर है। शुक्रवार सुबह 4 बजे से ही संगम नोज पर जबरदस्त भीड़ देखी जा रही है। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच लाखों लोग गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के मिलन स्थल पर पुण्य लाभ कमा रहे हैं। इससे पूर्व गुरुवार शाम को योग गुरु बाबा रामदेव ने सतुआ बाबा के साथ संगम में डुबकी लगाई और देश की सुख-समृद्धि की कामना की।
